राजनीति

PM Modi का तंज कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी को नहीं आया रास, दे डाली नसीहत

तिवारी ने कहा कि कांग्रेस जो कहती है, वह करती है। कांग्रेस ने देश की आजादी की बात कही और देश को आजादी दिलाई। लेकिन क्या भाजपा जो कहती है वह करती है। क्या आम लोगों को 15 लाख रुपए मिले?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में ‘शक्ति’ गारंटी योजना पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस लोगों से झूठे वादे करती है, क्योंकि इन्हें वह पूरा नहीं कर पाती। उनकी ये वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को पसंद नहीं आई है। उन्होंने उलटा सवाल किया है कि क्या भाजपा ऐसा करती है?

तिवारी ने कहा कि कांग्रेस जो कहती है, वह करती है। कांग्रेस ने देश की आजादी की बात कही और देश को आजादी दिलाई। लेकिन क्या भाजपा जो कहती है वह करती है। क्या आम लोगों को 15 लाख रुपए मिले?

उन्होंने कहा, “दीपावली अंधेरे पर उजाले का त्यौहार है। यह झूठ पर सच्चाई की विजय का प्रतीक है, और इस दिन प्रधानमंत्री जी को कम से कम सही बातें करनी चाहिए थीं। जब पूरा देश उत्सव मना रहा है, तब आपने जो टिप्पणी की कि कांग्रेस जो कहती है, वह करती नहीं, वह बहुत गलत थी।’

सांसद ने आगे कहा, कांग्रेस ने इस देश को आजादी दिलाने की बात की और इसे हकीकत में बदला। जमींदारी प्रथा का अंत किया, बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, और किसानों के लिए अनगिनत योजनाएं चलाईं। भाजपा को अपने दामन में झांककर देखना चाहिए। क्या लोगों को 15 लाख रुपये मिले? वह तो आप ही का वायदा था। क्या हर साल 2 करोड़ नौकरियां सभी को मिल गईं? आपने कहा था कि पेट्रोल 25 रुपये लीटर होगा, लेकिन अब यह सौ रुपये से भी पार हो गया। आपने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन देश का हाल यह है कि अच्छे दिन अब तक नहीं आए। किसानों को उनकी उपज का दुगना लाभ देने का जो वादा किया था, वह कहां गया?

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भाजपा के झूठे वादों की लिस्ट लंबी है। उन्होंने कहा, यदि मैं आपके और आपकी पार्टी के झूठे वादों को गिनाने लगूं, तो यह एक शतकीय पारी बन जाएगी। आपकी पार्टी के वादों का अंत नहीं हो रहा है। कृपया, पूंजीपतियों की तिजोरी भरना बंद करें और गरीबों की ओर ध्यान दें। आपने कहा था कि ‘न कोई आया है, न कोई है’ जब हमने चीन की सेनाओं की स्थिति पर सवाल उठाए थे। अब आप और आपके मंत्री कह रहे हैं कि समझौता हो गया है और चीन की सेनाएं वहां से हट रही हैं। तो प्रधानमंत्री, कम से कम दीपावली के इस पर्व पर एक और झूठ बोलने की क्या जरूरत थी?

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