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LIVE शो में राहुल गांधी ने मेरा फोन नंबर दिखाया, अब मुश्किल में हूं….’- प्रयागराज के शख्स का चौंकाने वाला खुलासा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक में वोटर लिस्ट में धांधली के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने एक डॉक्यूमेंट (दस्तावेज) भी दिखाया, जिस पर ‘म.क्र.’ लिखा था और उसके आगे 10 अंकों का एक मोबाइल नंबर लिखा था। जैसे ही यह नंबर टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर आया, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा निवासी अंजनी मिश्रा के फोन पर लगातार कॉल्स आने लगे।

राहुल गांधी ने मेरा नंबर क्यों दिखाया? – अंजनी मिश्रा
अंजनी मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अचानक बहुत सारे अनजान कॉल्स आने लगे। जब एक कॉलर ने बताया कि उनका नंबर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायरल हो गया है, तो वो हैरान रह गए। कॉलर ने उन्हें एक स्क्रीनशॉट भेजा, जिसमें उनका मोबाइल नंबर साफ दिख रहा था।अंजनी मिश्रा ने कहा कि मैंने जब प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी, तो खुद भी देखकर चौंक गया। मेरा नंबर वहां स्क्रीन पर था।

‘मैं प्रयागराज का रहने वाला, महाराष्ट्र से कोई लेना-देना नहीं’
अंजनी मिश्रा ने साफ कहा कि वो प्रयागराज (मेजा) के रहने वाले हैं। उनका महाराष्ट्र से कोई संबंध नहीं है। वह कभी-कभार कहीं बाहर जाते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में ना तो रहते हैं, ना वोट डालते हैं। उनका वोटर आईडी भी प्रयागराज का ही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मोबाइल नंबर वो पिछले 15 साल से इस्तेमाल कर रहे हैं और यह उनका मुख्य नंबर (प्राइमरी नंबर) है।

फर्जी रिपोर्ट का आरोप
अंजनी मिश्रा ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई गई रिपोर्ट को फर्जी बताया और कहा कि उनका नंबर गलत तरीके से दिखाया गया है। इससे उन्हें मानसिक परेशानियां और अनचाहे कॉल्स का सामना करना पड़ रहा है। अंजनी मिश्रा ने कहा कि बिना सच्चाई के मेरा नंबर देश के सामने दिखाना गलत है। इसका जवाब कौन देगा?

क्या था राहुल गांधी का आरोप?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा था कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6018 वोटर्स के नाम हटाए गए। महाराष्ट्र के राजुरा विधानसभा क्षेत्र में 6850 नए वोटर्स के नाम जोड़े गए। उन्होंने दावा किया कि इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। इसी दौरान उन्होंने एक वोटर लिस्ट डॉक्यूमेंट दिखाया, जिसमें अंजनी मिश्रा का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था (संभवत: किसी म.क्र. संख्या के तहत)।

अब सवाल उठ रहे हैं…
– क्या राहुल गांधी की टीम से यह गलती हुई है?
– क्या दस्तावेज में जो नंबर था, वह असल में फर्जी वोटर का था या किसी आम व्यक्ति का?
– क्या इस मुद्दे पर अंजनी मिश्रा कानूनी कदम उठाएंगे?

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