देश-विदेश

Earthquake: 6.0 तीव्रता के भूकंप से कांपा यह राज्य, हिली इमारतें, लोगों में दहशत

रविवार की सुबह कोरल सागर क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का एक तेज़ भूकंप महसूस किया गया है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार यह झटका भारतीय समयानुसार सुबह 4:58 बजे दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई बेहद उथली होने के कारण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है हालाँकि फिलहाल किसी तरह के नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 6.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र वानुआतु की राजधानी पोर्ट विला से लगभग 643 किमी उत्तर-उत्तर पश्चिम (NNW) में था जिसकी गहराई केवल 10 किलोमीटर बताई गई है।

क्यों खतरनाक है उथला भूकंप?

विशेषज्ञों के मुताबिक सतह के पास आने वाले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होते हैं। उथली गहराई के कारण इनकी भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves) जमीन तक ज्यादा ताकत के साथ पहुँचती हैं। इससे इमारतों को अधिक नुकसान होता है और जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।

बेहद सक्रिय है सोलोमन-वानुआतु क्षेत्र

यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय माना जाता है जहां बड़े भूकंप अक्सर आते रहते हैं।

  • टेक्टॉनिक प्लेटें: अमेरिकी संस्था SAGE (Seismological Facility For the Advancement of Geoscience) के अनुसार सोलोमन और वानुआतु द्वीप उस क्षेत्र में हैं जहां इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट प्रशांत प्लेट के नीचे खिसक रही है।
  • प्लेटों की गति: ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप हर साल लगभग 6 सेंटीमीटर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है जो इस क्षेत्र में लगातार तनाव पैदा करता है।

याद रहे इसी क्षेत्र के वानुआतु के पोर्ट विला में 2024 में 7.3 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी और कई इमारतें नष्ट हो गई थीं।

म्यांमार में भी महसूस किए गए झटके

कोरल सागर के अलावा राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार रविवार तड़के म्यांमार में भी 3.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया।

  • भूकंप विज्ञानियों के अनुसार म्यांमार में भी यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था जिससे आफ्टरशॉक (Aftershock) की संभावना बढ़ जाती है।
  • इससे पहले 16 अक्टूबर को भी म्यांमार में 3.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।

स्थानीय प्रशासन और भूकंप निगरानी एजेंसियां दोनों क्षेत्रों में स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button