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E-Bus: लखनऊ और कानपुर के 10-10 मार्गों पर ई-बसों का संचालन निजी ऑपरेटर करेंगे; मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में 10-10 मार्गों पर निजी ऑपरेटर के माध्यम से इलेक्ट्रिक बस के संचालन संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी दी।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि नगरीय इलाकों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए ‘शुद्ध लागत अनुबंध आधारित मॉडल’ के आधार पर इलेक्ट्रिक बस के संचालन का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

शर्मा ने बताया, ‘‘प्रस्ताव के अनुसार सरकार निजी ऑपरेटर को लाइसेंस देगी और वे (निजी ऑपरेटर) अपने घाटे-मुनाफे के आधार पर काम करेंगे। सरकार उन्हें कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। केवल उन्हें वैधानिक सहयोग और ई-चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। निजी ऑपरेटर सारा खर्च उठाएंगे।’’

उन्होंने बताया कि इस मॉडल के तहत कानपुर और लखनऊ के 10-10 मार्गों पर यह सुविधा शुरू करने की योजना है।

मंत्री ने बताया कि निजी ऑपरेटर का चयन निविदा के आधार पर किया जाएगा और जो सबसे किफायती भाड़े की पेशकश करेगा, उसे चुना जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘एक बस की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये होगी। हम निजी ऑपरेटर के साथ 12 वर्ष का अनुबंध करेंगे। भाड़ा तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा।’’

उन्होंने बताया कि लखनऊ में जिन मार्गों पर ये बस संचालित की जाएंगी, उनमें चारबाग से बाराबंकी, कमता से हवाई अड्डा, बालागंज से मोहनलालगंज, घंटाघर से मॉल, स्कूटर इंडिया से इंजीनियरिंग कॉलेज, चारबाग से देवा और चारबाग से कुर्सी रूट शामिल हैं।’’

मंत्री ने बताया कि इसी तरह कानपुर में रामादेवी से जहानाबाद, घंटाघर से अकबरपुर, कानपुर रेलवे स्टेशन से बिंदकी, बिठूर, घाटमपुर, आईआईटी और घंटाघर से मूसानगर समेत 10 मार्ग इस परियोजना में शामिल किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि हर रूट पर 10-10 बसों का संचालन किया जाएगा और बाद में आवश्यकता पड़ने पर उनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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