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Aadhar Card से जुड़ी बड़ी खबर: UIDAI ने जारी किया नए आदेश, जानें किन सेवाओं के लिए नहीं हो सकता इस्तेमाल

आधार कार्ड आज हर भारतीय के लिए एक जरूरी दस्तावेज बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और पहचान से जुड़ी लगभग हर सर्विस में इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या आधार कार्ड जन्मतिथि या नागरिकता का प्रमाण भी है? इस पर लोगों में अक्सर भ्रम बना रहता है। अब UIDAI ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि आधार केवल पहचान के रूप में मान्य है, न कि नागरिकता या जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में।

कहां इस्तेमाल नहीं किया जा सकता आधार कार्ड?
➤ UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड का प्रयोग सिर्फ पहचान साबित करने के लिए किया जा सकता है।
➤ इसे नागरिकता, निवास या जन्म प्रमाण के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

आदेश में कहा गया है कि—
आधार नंबर का इस्तेमाल व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के लिए किया जा सकता है,
➤ लेकिन यह किसी की नागरिकता, निवास स्थान या जन्मतिथि साबित करने के लिए मान्य नहीं है।
➤ डाकघरों को निर्देश दिया गया है कि वे यह जानकारी अपने नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित करें, ताकि लोग इस भ्रम से बाहर आ सकें।

किसके लिए अनिवार्य है आधार कार्ड?
आधार आज कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। यह निम्न सेवाओं में जरूरी है:
➤ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने के लिए
➤ PAN कार्ड लिंक कराने के लिए
➤ बैंक अकाउंट खोलने या KYC प्रक्रिया में
➤ नए मोबाइल सिम कार्ड खरीदने के लिए
➤ म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश से जुड़ी KYC वेरिफिकेशन के लिए
➤ इसके अलावा, अधिकांश सरकारी सब्सिडी योजनाओं में भी लाभ पाने के लिए आधार लिंक कराना जरूरी है।

सरकारी योजनाओं में आधार की भूमिका
आधार अब कई वेलफेयर स्कीम्स का अहम हिस्सा बन गया है।
➤ एलपीजी सब्सिडी (DBTL स्कीम) का पैसा सीधे आधार लिंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है।
➤ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और अटल पेंशन योजना (APY) में भी आधार आवश्यक है।
➤ स्कॉलरशिप, श्रमिक कल्याण लाभ, मोबाइल कनेक्शन, और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सेवाओं में भी आधार की जरूरत पड़ती है।
➤ UIDAI के अनुसार, आधार का उद्देश्य लोगों को एक यूनिक डिजिटल पहचान देना है ताकि सरकारी लाभ सीधे लाभार्थी तक पहुंच सके।

आधार अपडेट कराने के चार्ज बढ़े
UIDAI ने हाल ही में आधार अपडेट कराने की फीस में भी बदलाव किया है।
1 अक्टूबर से नए चार्ज लागू हो चुके हैं: नाम, पता या जन्मतिथि जैसे डेमोग्राफिक अपडेट के लिए शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹75 कर दिया गया है। बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, फोटो, आईरिस) के लिए शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹125 कर दिया गया है।

यह बदलाव लगभग 5 साल बाद किया गया है।
नवजात शिशुओं के लिए आधार एनरोलमेंट और अपडेट फ्री रहेगा। बच्चों के लिए UIDAI ने यह भी तय किया है कि पहली बार बायोमेट्रिक अपडेट 5 साल की उम्र में, दूसरी बार 5 से 7 साल के बीच, और तीसरी बार 15 से 17 साल की उम्र के बीच अनिवार्य है।

UIDAI की सलाह
UIDAI का कहना है कि आधार एक डिजिटल पहचान प्रणाली है, जिसका उद्देश्य केवल व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना है।
लोगों को इसे नागरिकता या जन्म प्रमाणपत्र के विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। सरकार ने सभी सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को यह दिशा-निर्देश जारी किया है कि वे आधार को केवल पहचान प्रमाण के रूप में ही स्वीकार करें।

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