राजनीति

ई वे बिल के हवाले भाजपा का कटाक्ष, कांग्रेस ने पूरी तरह भ्रष्ट शासन चलाया

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने ई वे बिल मामले में कहा है कांग्रेस ने कैसी भ्रष्ट व्यवस्था चलाई सभी को पता है,उनके दो पूर्व जीएसटी कमिश्नर,समीर विश्नोई और रानू साहू जेल में है

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने ई वे बिल मामले में कहा है कांग्रेस ने कैसी भ्रष्ट व्यवस्था चलाई सभी को पता है,उनके दो पूर्व जीएसटी कमिश्नर,समीर विश्नोई और रानू साहू जेल में है, तो ऐसे में कांग्रेस को भाजपा को ज्ञान देने का कोई अधिकार नहीं है। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने शासन को भ्रष्टाचार का एक बड़ा अड्डा बना दिया था। से अधिकारी जो जनता का हक छीनने के आरोप में जेल में है, उन्हें जमानत नहीं मिल रही वह बड़े-बड़े पदों पर रहकर जनता का शोषण करते रहे थे,ऐसे में जनता के हित की बात करना कांग्रेस को शोभा नहीं देता।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि राज्य के अधिकतर व्यापारी छोटे व्यापारी एक साथ 50 हजार रूपए का माल परिवहन करते ही नहीं, अधिकतर आबादी इस प्रावधान से बाहर है। कांग्रेस के शासनकाल में चाहे वह आबकारी कर हो या जीएसटी, शासन और अधिकारियों की मिली भगत से कर चोरी के कीर्तिमान रचे गए हैं।

राज्य के राजस्व में डाका डालने का काम कांग्रेस के शासन में हुआ है।ई वे बिल कर चोरी को रोकने का सबसे सीधा और प्रभावी टूल है। इससे न केवल कर चोरी को रोकने मे मदद मिलती है , बल्कि आंकड़ों के विश्लेषण से कर संग्रहण के संबंध में भी महत्वपूर्ण सूचनाए प्राप्त होती हैं। इससे बोगस बिल जारी करने, कच्चा बिल जारी करके कर अपवंचन करने की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।

ठाकुर ने कहा राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मार्च 2018 में राज्य में ई वे बिल के प्रावधानों से पूरी छूट दे दी थी, क्योंकि यह कर प्रणाली नई नई थी। जिसे 2021 में कांग्रेस सरकार ने संशोधित कर राज्य के भीतर 1 लाख से अधिक मूल्य के माल के लिए ई वे बिल के प्रावधान लागू किए हैं। पंजाब में भी काँग्रेस सरकार ने संवेदन शील वस्तुओं के राज्य के भीतर परिवहन पर ई वे बिल की सीमा 50 हजार रु रखी थी, शेष वस्तुओं के लिए यह सीमा 1 लाख रु है। एक जिले के भीतर परिवहन के लिए कोई विशेष छूट नहीं थी।ऐसे में कांग्रेस जो खुद के शासित राज्यो में ऐसा कर चुकी है वो यहां इसका विरोध किस मुंह से कर रही है।

 

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