महात्मा बुद्ध एक महान दार्शनिक और समाज सुधारक थे : महेश शर्मा
जिले में बौद्ध धर्म के संस्थापक, महान दार्शनिक और समाज सुधारक महात्मा बुद्ध की जयंती मनाई गई। सभी ने उनके चित्र पर फूल माला पहनाकर उन्हें नमन किया और उनके विचारों व सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।

बागपत। जिले में बौद्ध धर्म के संस्थापक, महान दार्शनिक और समाज सुधारक महात्मा बुद्ध की जयंती मनाई गई। सभी ने उनके चित्र पर फूल माला पहनाकर उन्हें नमन किया और उनके विचारों व सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।

इस मौके पर लायंस क्लब बागपत के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी महेश शर्मा ने बताया कि महात्मा बुद्ध का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा को हुआ था, जिस कारण इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। बताया कि यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसी दिन महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति और महानिर्वाण भी हुआ था और उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। बताया कि महात्मा बुद्ध कपिलवस्तु के राजा शुद्धोदन और महामाया के पुत्र थे। इनका जन्म नेपाल में लुंबिनी में हुआ था। इनका बचपन का नाम सिद्धार्थ था। गौतम गोत्र में जन्म लेने के कारण ये गौतम भी कहलाये। सिद्धार्थ गौतम के जन्म के सात दिनों बाद इनकी माता का निधन हो गया और सिद्धार्थ का पालन उनकी मॉं की छोटी बहन महाप्रजावती गौतमी ने किया। राजकुमार सिद्धार्थ गौतम ने गुरू विश्वामित्र से वेद, उपनिषद, राजकाज, युद्ध विद्या आदि की शिक्षा ग्रहण की। सिद्धार्थ गौतम कुश्ती, घुड़दौड़, तीर-कमान और रथ चलाने में महारथी थे। वह एक वीर योद्धा होने के साथ-साथ दया और करूणा की प्रतिमूर्ति थे। सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।


