दूसरे दिन भी निर्जला एकादशी की रही धूम शीतल मीठे जल की छबीलें लगाकर विशाल भण्डारों का किया आयोजन
शनिवार को दूसरे दिन भी साईबर सिटी व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्जला एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों स्थित मंदिरों, आश्रमों, शिवालयों व सार्वजनिक स्थानों पर मंदिर कमेटियों व धर्मप्रेमियों द्वारा मीठे व शीतल जल की छबीलें भी लगाई गई।
गुडग़ांव। शनिवार को दूसरे दिन भी साईबर सिटी व जिले के
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्जला एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर
के विभिन्न क्षेत्रों स्थित मंदिरों, आश्रमों, शिवालयों व सार्वजनिक
स्थानों पर मंदिर कमेटियों व धर्मप्रेमियों द्वारा मीठे व शीतल जल की
छबीलें भी लगाई गई। राह चलते लोगों को रोक-रोक कर शीतल व मीठा जल का भी
सेवन कराया। वाहनों में भी यात्रा कर रहे लोगों को बड़ी ही आत्मीयता के
भाव से युवाओं व बच्चों ने उनके वाहन में ही शीतल जल उपलब्ध कराया। इनकी
धार्मिक भावना देखते ही बनती थी। सैक्टर 4 आउटर रोड स्थित सूर्य विहार
कालोनीवासियों ने भी पारस्परिक सहयोग से जहां शीतल मीठे जल की छबीलें
लगाई और लोगों को मीठा जल उपलब्ध कराया, वहीें विशाल भण्डारे का आयोजन भी
किया। हर कोई छबीलें लगाने वाले लोगों के उत्साह की सराहना करता दिखाई
दिया। लोगों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में लोगों को गला तर करने के
लिए शीतल जल मिल जाए तो दिल से दुआ निकलती है। यह लोग बड़ा ही पुण्य का
कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार विभिन्न स्थानों पर दूसरे दिन भी विशाल
भण्डारों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वादिष्ट भोजन बनाया गया था। असंख्य
लोगों ने इन भण्डारों में कतारों में लगकर प्रसाद भी ग्रहण किया।
धर्मप्रे्रमियों व समाजसेवियों का कहना है कि आपा-धापी की इस जिंदगी में
थोड़ा समय धर्म कर्म के लिए भी हर किसी को निकालना चाहिए। जलदान सबसे
बड़ा दान माना गया है। जिसका शास्त्रों में भी उल्लेख मिलता है। निर्जला
एकदशी पर जल का सेवन कराना बड़ा ही पुण्य का कार्य है।




