झोलाछाप डॉक्टर से इलाज में महिला की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य सचिव को जारी किया समन

केंद्रपारा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एमएचआरसी) ने ओडिशा के स्वास्थ्य सचिव को एक झोलाछाप डॉक्टर से महिला की मौत के संबंध में की गई कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने में अधिक देरी होने पर सशर्त समन जारी किया है।
महिला की 2020 में नीम हकीम/झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के दौरान मौत हो गई।
यह समन केंद्रपारा स्थित आरटीआई कार्यकर्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रताप कुमार मोहंती द्वारा दायर याचिका पर जारी किया गया।
श्री मोहंती ने आरोप लगाया कि लक्ष्मीबाला मंडल (पीड़िता) झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज कराने के लिए गई थी, जहां इलाज के 30 मिनट के बाद पीड़िता की मौत हो गई।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि केंद्रपारा में झोलाछाप डॉक्टरों के हाथों इलाज कराने के बाद हर साल 20-30 से ज्यादा मरीजों की जान चली जाती है।
आयोग के निर्देशों के अनुसार, केंद्रपारा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने 22 दिसंबर 2020 को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें कहा गया था कि लक्ष्मीबाला मंडल की मौत नीम हकीम तन्मया गिरी द्वारा दी गई दवा की एक खुराक लेने के बाद हुई थी।
एसपी ने कहा था कि न तो पति

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