राज्यसभा चुनाव को लेकर साईबर सिटी में दिनभर होती रही चर्चा कहीं विधायक न तोड़ लिए जाएं…..
राज्यसभा चुनाव को लेकर हर राजनैतिक दल ने अपनी कार्यवाही शुरु कर दी है। कहीं विपक्षी दल अमुक दल के विधायकों को न तोड़ ले, इसके लिए पार्टी द्वारा बड़े प्रयास भी किए जा रहे हैं।

गुडग़ांव। राज्यसभा चुनाव को लेकर हर राजनैतिक दल ने अपनी कार्यवाही शुरु कर दी है। कहीं विपक्षी दल अमुक दल के विधायकों को न तोड़ ले, इसके लिए पार्टी द्वारा बड़े प्रयास भी किए जा रहे हैं। आगामी 10 जून को राज्यसभा चुनाव में मतदान होगा। प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट को जीने के लिए कांग्रेस को फूंक-फूंक कर कदम रखने पड़ रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा के चुनावी मैदान में उतर जाने के बाद कांग्रेस हाईकमान ने विधायकों को छत्तीसगढ़ के रायपुर भेज दिया है ताकि विपक्षी दल
उनके विधायकों को तोड़ न सकें। साईबर सिटी में राज्यसभा के चुनाव को लेकर दिनभर चर्चा चलती रही। जानकारों का कहना है कि 27 विधायकों को रायपुर भेज दिया गया है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेलभी इन 27 कांग्रेसी विधायकों से मिलने के लिए पहुंचे और उनकी सुरक्षा आदि की भी समीक्षा की। कांग्रेसी विधायकों को कड़ी सुरक्षा के बीच रिसोर्ट में रखा गया है।
जानकारों का कहना है कि रिसोर्ट के बाहर व भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान तैनात हैं। मुख्यमंत्री की आज्ञा के बिना कोई भी इन विधायकों से नहीं मिल सकता। जानकार पूरे दिन यही चर्चा करते रहे। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुलदीप बिश्रोई, किरण चौधरी व चिरंजीव राव अभी यहीं पर हैं। यानि कि वे छत्तीसगढ़ नहीं गए हैं। माना जाता है कि हुड्डा प्रदेश में रहते हुए चुनाव को लेकर गठजोड़ करेंगे। इसी प्रकार किरण चौधरी की तबियत खराब बताई जाती है तो चिरंजीव राव अपना जन्मदिन मनाने के लिए शिमला गए हुए थे। बताया जाता है कि वह भी जल्दी रायपुर जाएंगे। जानकारों का कहना है कि कुलदीप बिश्रोई कांग्रेस हाईकमान से अभी नाराज चल रहे हैं। उनके द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री से की गई भेंट भी चर्चा का विषय बनी रही। जानकारों का कहना है कि उधर राजस्थान के कांग्रेस के 40 विधायकों व कुछ निर्दलीय विधायकों को उदयपुर के एक होटल में भेजा गया है।




