मुजफ्फरनगर में कागजों में मर चुकी महिला को हाईकोर्ट ने दिए पेंशन देने के आदेश, अफसरो को भेजे गए नोटिस
पेंशन की फाइल में मृत दिखाई गई खतौली की बुजुर्ग महिला बूंदी के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। महिला को तुरंत वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने के आदेश दिए गए।

मुजफ्फरनगर। पेंशन की फाइल में मृत दिखाई गई खतौली की बुजुर्ग महिला बूंदी के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। महिला को तुरंत वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने के आदेश दिए गए। सुनवाई के लिए 30 मई की तिथि तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है।

खतौली के मिट्ठूलाल मोहल्ले में पड़ोसियों की मदद और वृद्धावस्था पेंशन के सहारे जिंदगी गुजार रही बूंदी (85) को पिछले साल नवंबर में पेंशन के वार्षिक भौतिक सत्यापन में मृत दर्शाकर पेंशन रोक दी गई थी। समाजसेवी जमील अंसारी के साथ बुजुर्ग बूंदी एसडीएम खतौली जीत सिंह राय के सामने हाजिर हुई और खुद को जिंदा बताते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। एसडीएम ने जांच कराई तो वह जिंदा निकली, लेकिन अधिकारियों के दावों के बावजूद उसे पेंशन नहीं दी गई। समाजसेवी जमील अंसारी ने बताया कि मामले की हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सुनवाई करते हुए बुजुर्ग को तुरंत पेंशन दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अधिकारियों को कोर्ट ने तलब कर जवाब मांगा है।

एसडीएम खतौली ने लेखपाल अजेंद्र सिंह राठी से जांच कराई थी, जिसमें बूंदी जिंदा साबित हुई थी। भौतिक सत्यापन का वह कागज भी देखा, जिसमें महिला को मृत दर्शाया गया था। तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
स्पेयरपार्ट्स की दुकान चलाने वाले समाजसेवी जमील अंसारी कहते हैं कि बुजुर्ग महिला को इंसाफ दिलाने के लिए ये लड़ाई जारी रहेगी। हाईकोर्ट से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक का कहना है कि बुजुर्ग महिला की पेंशन पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही धनराशि उसके खाते में पहुंच जाएगी।

