
मीरापुर। श्री शीतला माता मंदिर में नौ दिनो से चल रही श्री शिव महापुराण पर बोलते हुए कथा व्यास प्रदीप मणि ने भारत के समस्त ज्योतिर्लिंगो की उत्पत्ति तथा पूजा का विधान बताया। कथा समापन के बाद मंदिर परिसर में विशाल यज्ञ व भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारो लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्री शीतला माता मंदिर में नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण के अवसर पर कथा व्यास प्रदीप मणि ने समस्त 12 ज्योतिर्लिंगो की उत्पत्ति और पूजा का विधान बताया। उन्होने कहा कि प्रत्येक ज्योतिर्लिंग पर पूजा पाठ का विशेष महत्व है और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के साथ हमारा धाम भी है। इसका महत्व बताते हुए उन्होने कहा कि जो व्यक्ति झूठे मुकदमो में फस गया हो यदि वह व्यक्ति गौमुख से लेकर हरिद्वार तक का गंगाजल लेकर रामेश्वरम में जलाभिषेक करेगा तो उसको निश्चित रूप से झूठे मुकदमें के आरोप से मुक्ति मिल जायेगी। इसी प्रकार अन्य ज्योतिर्लिंगो में पूजा करने से अलग अलग प्रकार के लाभ होते हैं। इन्होने कहा कि पुरूषोत्तम मास में की गयी आराधना, साधना, भागवत पुराण, शिव महापुराण, गंगा स्नान व अन्य सतकर्म करने या कराने से जन्म जन्मांतर के पापो का हरण हो जाता है। कथा के उपरान्त मंदिर परिसर में यज्ञ कर पूर्ण आहुति दी गयी इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। हजारो भक्तो ने देर शाम तक प्रसाद ग्रहण किया। शिव महापुराण के मुख्य यजमान बिजेन्द्र कुमार डागा व राजीव लोचन माहेश्वरी रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिरूद्ध शारदा, मंजू शारदा, मधु कौशिक, नवनीत शारदा, नीरज शारदा, रूचिन शारदा, पंकज शारदा, प्रमोद कुमार शर्मा, विकास कौशिक उर्फ मिंटू, नितिन शर्मा, संजय माहेश्वरी, जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी, अमित डागा, विभोर डागा, मंजू डागा, अनामिका माहेश्वरी, मा. चन्द्रपाल, विरेन्द्र कुमार गुप्ता आदि सक्रिय रहे।


