
नानौता। माहे मुहर्रम का चांद दिखते ही नगर के अलग-अलग इमाम बारगाहों में मजलिसों का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। मुहर्रम की पहली तारिक से ही इमाम बारगाह दरबार-ए-हुसैन कोट में फैजाबाद से आय हुए मौलाना डाक्टर मेहदी बाकर खान ने हजरत इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए लोगों से इमाम की बताई हुई शिक्षा पर अमल करने की ताकीद की। वहीं इमाम बारगाह असद अली छत्ता में लखनऊ से आय मौलाना मोहम्मद मेहदी साहब ने खिताब (संबोधित) किया। कसर ए फातमी में मौलाना सागर नकवी साहब, इमाम बारगाह हुसैनिया में रजेटी से आय हुए मौलाना मोहम्मद बाकर रजा साहब, इमामबारगाह काजियान में नगर की शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद तनवीर आलम साहब जनता को संबोधित कर रहे हैं। इसी क्रम में इमाम बारगाह मासूमा बेगम छूममा में मौलाना मोहम्मद मेहदी साहब ने बताया कि जब हजरत हूर की शहादत पढ़ी जिसे सुनकर शिया सोगवारों ने जार-जार गिरया किया। इमाम ए जुमा शिया जामा मस्जिद मौलाना तनवीर आलम ने बताया कि मुहर्रम की छः तारिक से नगर में मातमी जुलूसों का सिलसिला जारी होगा जो आगामी 10 मुहर्रम (रोज-ए-आशूर) तक चलेगा। पहला मातमी जुलूस 6 मुहर्रम 25 जुलाई को इमाम बारगाह दरबार ए हुसैन कोट से बरामद होकर इमामबरगाह सब्जवारियान पर जाकर समाप्त होगा।




