पिता से प्रताड़ित मानसिक दिव्यांग किशोरी द्वारा आत्महत्या के मामले में प्रकरण दर्ज

पिता से प्रताड़ित मानसिक दिव्यांग किशोरी द्वारा आत्महत्या के मामले में प्रकरण दर्ज

खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के सनावद में मानसिक दिव्यांग नाबालिग पुत्री को कथित तौर छेड़छाड़ किए जाने के पूर्व के मामलों से जुड़े घटनाक्रमों के चलते प्रताड़ित होकर उसके पिता द्वारा आत्महत्या को लेकर दो प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने परिजनों के प्रकरण दर्ज नहीं करने के आरोप से इंकार किया है।
सनावद के थाना प्रभारी एमआर रोमडे ने बताया कि वाहन चालक 42 वर्षीय जितेंद्र बनवाड़े द्वारा 12 मई की रात्रि अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने के मामले में शिव सिंह मौर्य के विरुद्ध कल देर रात्रि आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
मृतक की टीम मानसिक दिव्यांग किशोरी पुत्री को पूर्व में कई बार छेड़छाड़ किए जाने को लेकर भी शिव सिंह मौर्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उसे इस मामले में भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि दरअसल 12 मई को आरोपी द्वारा जितेंद्र के घर आकर उसकी पुत्री को अपनी मां से मिलाने ले जाने की बात कही गई थी। जितेंद्र के अन्य परिजनों द्वारा आरोपी के घर जाकर देखा गया कि वहां ताला बंद है। इस पर आरोपी की मां को फोन लगाकर पूछे जाने पर उसमें 3 दिन से इंदौर होने की बात कही थी। इस पर जितेंद्र और उसके परिजनों को यह शंका हुई कि उनकी नाबालिग दिव्यांग पुत्री को आरोपी बुरी नीयत से ले जाना चाहता था और इसके पूर्व भी या तो उसके साथ दुष्कर्म किया गया है या अश्लील हरकतें की गई। उन्होंने बताया कि 12 मई को दिव्यांग बालिका आरोपी से न तो मिली और न ही उसके साथ गयी।
उन्होंने बताया कि इसी घटनाक्रम को लेकर जितेंद्र ने स्वयं को प्रताड़ित और दुखी महसूस किया और उसी रात 10:00 बजे घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के आरोपों से इतर उन्होंने तथा एसडीओपी बड़वाह विनोद दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण दर्ज करने के लिए पुलिस में कभी इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि 12 मई को परिजनों ने अपनी शिकायत आवेदन में उस दिन किसी भी प्रकार की घटना का उल्लेख होना नहीं बताया था। उन्होंने बताया कि 12 मई के पहले आवेदन में उस दिन की किसी तरह की घटना का उल्लेख नहीं था, इसलिए प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।
घटना के अगले दिन अप्रैल माह के अंत की एक घटना का उल्लेख किए जाने पर आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ संबंधी धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व जितेंद्र या उसके परिजनों ने कभी भी पुलिस को कोई शिकायत आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने बताया कि 12 मई की घटना को लेकर तत्काल पुलिस बल भेजा था, लेकिन वह नहीं मिला। दूसरी बार फिर से शिकायत किए जाने पर उसे शाम 7:30 बजे हिरासत में ले लिया गया था, जबकि जितेंद्र ने उसी रात 10:00 बजे फांसी लगाई थी।
मनोहर मुंशी और रमेश गौड़ ने बताया कि उनके रिश्तेदार 42 वर्षीय जितेंद्र बनवाडे ने 12 मई की रात्रि अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी शिव सिंह बच्ची को बहला फुसला कर ले गया था और उसके साथ अश्लील हरकत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बात की सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद पुलिस ने प्रकरण दर्ज नहीं किया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की जिसके चलते उन्हें फिर से थाने पर भेजा गया लेकिन फिर उन्हें वापस कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 12 मई को पुनः शिव सिंह जितेंद्र के घर के गया और उससे विवाद किया और कहा कि पुलिस में शिकायत करने से उसका कुछ नहीं बिगड़ा, जिसके उपरांत जितेंद्र बनवाड़े ने फांसी लगा ली। उन्होंने बताया कि आरोपी ने पहले भी दिव्यांग बालिका के साथ बुरी हरकत की थी, लेकिन उसे समझाइश दे दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने पूर्व में ही कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया होता तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती।
खरगोन के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि 12 मई को परिजनों ने मानसिक दिव्यांग के साथ पूर्व में छेड़छाड़ संबंधी आशंका जाहिर की थी। बालिका उस दिन आरोपी से न तो मिली और न ही आरोपी उसे अपने साथ ले गया था। उन्होंने कहा कि आत्महत्या कर लिए जाने के बाद पुलिस ने आवश्यक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही आरंभ कर दी है। इसके अलावा पूर्व में कथित तौर पर छेड़छाड़ को लेकर भी प्रकरण दर्ज किया गया है।

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