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महिला हॉकी टीम की कप्तान ने कहा, स्पेन का दौरा एशियन गेम्म के लिए काफी अहम

नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए हांग्जो एशियाई खेल काफी अहम है। विजेता को पेरिस ओलंपिक 2024 में सीधे प्रवेश मिलेगा और इसलिए भारतीय महिला हॉकी टीम इसके लिए पूरी तैयारी कर रही है। महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता पुनिया ने शुक्रवार को कहा कि इस लिहाज से चार देशों के अंतरराष्ट्रीय टूनार्मेंट के लिए स्पेन का आगामी दौरा टीम की तैयारी के लिए काफी अहम होगा।

भारतीय टीम 11 जून से 11 जुलाई तक बेंगलुरू में एक शिविर में पसीना बहा रही है। 33-सदस्यीय कोर संभावित समूह को चीन में हांग्जो एशियाई खेलों से पहले तैयारी शिविर के लिए नामित किया गया है। एशियन गेम्स 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलेंगे।

स्पेन दौरे पर, टीम को अपने कौशल और टीम संयोजन को परखने का मौका मिलेगा, जो 25 से 30 जुलाई तक होने वाला है।

चार देशों के टूनार्मेंट में भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और स्पेन शामिल हैं।

स्पेन में टूनार्मेंट के बारे में बात करते हुए, भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता ने कहा, यह हमारे लिए एक अहम टूनार्मेंट होगा। यह हमें उन क्षेत्रों पर फोकस करने में सक्षम करेगा जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है और एक टीम के रूप में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

चल रहे राष्ट्रीय शिविर के बारे में बात करते हुए, सविता ने कहा, हम वर्तमान में राष्ट्रीय शिविर में हर सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर फोकस कर रहे हैं, जो कि हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टीम की संरचना और रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए है। हम जानते हैं कि एक टीम के रूप में हमारे कोच हमसे क्या उम्मीद करते हैं और यह निश्चित रूप से हमारे काम को आसान बनाता है। हालांकि, हमें अभी भी प्रशिक्षण में हर दिन कड़ी मेहनत करते रहना है। हम जितना अधिक पसीना बहाएंगे, आगे हमें कम संघर्ष करना पड़ेगा।

सविता ने अपने हाल के ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर कहा, ऑस्ट्रेलिया में, पहले गेम में हमारा प्रदर्शन बराबरी का नहीं था, लेकिन यह समझा जा सकता था कि हम चार महीने के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेल रहे थे। नतीजतन, टीम को अपना तालमेल स्थापित करने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फिर भी, हम पूरे दौरे के दौरान अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहे। यह लचीलापन हमारी टीम की विशेषता बनती जा रही है। हम तभी जीतेंगे जब सामूहिक प्रयास होगा। एक साथ लड़ने पर किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए हमें हराना एक कठिन चुनौती है और यही एशियाई खेलों में हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी।

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