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‘बाल विवाह एक अपराध, रोकने में सहयोग करें’

मुजफ्फरनगर। जनपद को बाल अपराध मुक्त जिला बनाने के लिए ग्रामीण समाज विकास केंद्र के एक्सेस टू जस्टिस अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान में ग्राम प्रधान, आशा-आंगनबाड़ी के सहयोग से जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण के साथ-साथ हस्ताक्षर अभियान चलाकर जिले को बाल विवाह मुक्त करने का आह्वान किया गया।
ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहर चंद ने बताया -बालकों के विकास के लिए उन्हें जीने का अधिकार, सहभागिता, सुरक्षा, विकास व समानता का अधिकार दिलाने एवं बाल शोषण, बाल श्रम, बाल तस्करी आदि की रोकथाम के लिए संस्था अभियान चला रही है, जिसके तहत बृहस्पतिवार को जानसठ ब्लॉक के ग्राम कासिमपुर, भूमा और खतौली ब्लॉक के ग्राम खेड़ी सराय, खेड़ी आदि गांव में जागरूकता अभियान चलाया गया। जिले में करीब 600 लोगों को शपथ दिलाई गई।
उन्होंने बताया – बाल विवाह अपराध है और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करना जरूरी है। इसे रोकने में आमजन सहयोग करें। लोग अज्ञानतावश अपने बच्चों का विवाह कम उम्र में ही कर देते हैं। सभी को मिलकर इस बुराई के खिलाफ जन आंदोलन के माध्यम से समाज में जागृति लानी है, ताकि इस कुप्रथा का अंत हो सके।
उन्होंने बताया – यदि जनपद में कहीं भी बाल विवाह(नाबालिग का विवाह) किया जाता है तो जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, स्थानीय पुलिस, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड लाइन 1098 को सूचना दें ताकि समय पर हस्तक्षेप करके बाल विवाह को रुकवाया जा सके। उन्होंने बताया बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह गैर कानूनी है जिसमें बाल विवाह करवाने वाले व शामिल होने वाले सभी लोगों को दो वर्ष का कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह अपराध है और गैर जमानती है। इस अवसर गांव के गणमान्य लोग और संस्था के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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