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ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग नुमा आकृति के मिलने की अवधि का एक वर्ष पूर्ण

वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में कोर्ट कमिश्नर के सर्वे के दौरान शिवलिंगनुमा आकृति के मिलने की अवधि एक वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी केस के वादिनी महिलाओं के साथ उनके अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन पूजन किया। नंदी के बगल में स्थित शिवालय में रुद्राभिषेक कर अधिवक्ता विष्णुशंकर ने पत्रकारों से भी बातचीत की।

उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद के पूरे परिसर की एएसआई (आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया) से सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर एक यायिका न्यायालय में दायर करेंगे। हम लोगों ने ज्ञानवापी परिसर की एएसआई जांच कराने की मांग की थी। अधिवक्ता ने कहा कि केवल शिवलिंग वाली आकृति ही नहीं, बल्कि पूरे परिसर की साइंटिफिक जांच होगी, तो एक-एक सच्चाई बाहर निकलकर आएगी। भगवान आदि विश्वेश्वर के मंदिर को तोड़कर कब मस्जिद बनाई गई, तीन गुंबद के नीचे मंदिर के शिखर हैं और वेस्टर्न वाल की आदि जांच हो।

उन्होंने कहा कि पूरे परिसर में जीपीआर रडार लगाया जाए। इसमें यदि साक्ष्य मिलते हैं तो इस पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हमारा अनुष्ठान है कि इस परिसर में बाबा आदिविश्वेश्वर का भव्य मंदिर बने। बाबा विश्वनाथ हमारे अनुष्ठान को पूरा करें, यही हमने प्रार्थना भी की। हमने आज नंदी के बगल से आदि विश्वेश्वर महादेव की पूजा की है। उन्होंने दो टूक कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदि विश्वेश्वर की कार्बन डेटिंग का नही एएसआई साइंटिफिक जांच का आदेश किया है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि बिना किसी छेड़छाड़ के एएसआई साइंटिफिक जांच होगी। वादिनी चारों महिलाओं ने कहा कि हमने बाबा का दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया कि हमलोग जो केस दाखिल करने जा रहे हैं, उसमें हमारी मंशा पूरी हो। न्यायालय से हम लोगों को पूरी उम्मीद है। गौरतलब हो कि अब पूरे ज्ञानवापी परिसर की कार्बन डेटिंग और ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) के द्वारा एएसआई (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) सर्वे कराने की मांग पर मंगलवार को कोर्ट में अपरान्ह 2 बजे सुनवाई होगी। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु जैन की तरफ से 6 वादी वाराणसी जिला न्यायालय में आज इससे जुड़ा केस दाखिल करेंगे। चारों वादिनी महिलाओं, महंत शिव प्रसाद पांडेय और राम प्रसाद सिंह आदि अधिवक्ता के जरिए याचिका दायर होगी।

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