सहारनपुर। जनपद के थाना सरसावा क्षेत्र के गांव सौराना व बलवंतपुर के निकट आज दोपहर बाद एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गयी। जिससे फैक्ट्री परिसर में बने कमरे में रखे बारूद ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते बने और अधबने पटाखों ने भी आग पकड़ ली। पटाखों की आवाज़ किसी बड़े बम के धमाकों से कम नहीं थी। चारों ओर आग ही आग फैल गयी जिसमें मौके पर काम कर रहे दर्जनों मजदूरों में से चार-पांच मजदूरों के चिथड़े उड़ गये। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चपेट में आये मजदूरों के चिथड़े सैकड़ोें मीटर दूर तक खेतों में बिखर गये। बारूद का धमाका इतना भयानक था कि मकाननुमा कमरे की न छत का पता और न ही उसकी दीवारों का कोई पता कि कहां हवा में उड़ गये। देखते ही देखते चारों ओर चीख पुकार मचने लगी। इसी दौरान अग्निशमन विभाग व पुलिस को सूचना मिली तो मौके पर डीआईजी, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी नकुड़ व अग्निशमन विभाग के क्षेत्राधिकारी तेजवीर सिंह आदि तमाम अधिकारी पहुंचे गये और स्थिति का जायजा लिया। दुर्घटना में फैक्ट्री मालिक सहित चार अन्य लोगों के शव तो मिल गये जबकि कई अन्य के और दबे होने की आशंका है, जिनकी तलाश जारी थी। घटना आज शनिवार शाम लगभग चार बजे की है। जब अम्बाला हाईवे पर सरसावा और सौराना के बीच स्थित बलवंतपुर गांव में किरण फायर वर्क्स के नाम से पटाखा फैक्ट्री मंे रोजाना की तरह वर्कर काम कर रहे थे कि अचानक फैक्ट्री में आग लग गयी और आग फैलने पर बारूद ने आग पकड़ ली। जिससे वहां तेज आवाज़ के साथ धमाका हो गया। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री मंे दस-बारह लोग काम कर रहे थे। हालांकि इस फैक्ट्री में रोजाना बीसियों लोग काम करते हैं,परन्तु आज कम मजदूर थे। धमाके व उत्पन्न आग की भयानकता के कारण कमरे में काम कर रहे मजदूरों को बचने का मौका नहीं मिल पाया और मकान की खून से सनी छत व दीवारें चूरा-चूरा होकर दूर खेतों में जा गिरी। जिस पर बिना देरी किये अग्निशमन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया और आग पर बामुश्किल काबू पाया। बता दें दुर्घटना स्थल के निकट ही एयरफोर्स स्टेशन है और अभी हाल ही में गेहूं की फसल लोगों ने उठाई है। यदि दुर्घटना दस दिन पहले हुई होती तो बहुत बड़ा नुकसान होता।




