
गाजियाबाद। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव को निष्पक्ष कराने के प्रयासों पर गाजियाबाद पुलिस ने पानी फेर दिया। पुलिस का काम होता है कि चुनाव में शराब और पैसे का लेनदेन ना होने पाए लेकिन यहां तो पुलिस खुद ही अपनी गाड़ी में शराब बांटती दिखी। आरोप है कि एक निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं को रिझाने के लिए पुलिस अपनी ही गाड़ी में शराब बांट रही थी।
यह मामला मोदीनगर के वार्ड नंबर 20 का है, जहां निर्दलीय सभासद प्रत्याशी संजीव चिकारा यूपी पुलिस रेस्पांस व्हीकल (पीआरवी) 2189 पर तीन पुलिसकर्मियों के साथ बुधवार रात खुलेआम मतदाताओं को शराब बांट रहा था। इस बात की सूचना जैसे ही इसी वार्ड से लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी संदीप उर्फ मोनू को मिली तो वह समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई।
मोदीनगर थाना पुलिस ने संजीव चिकारा के साथ आरोपित सिपाही गौरव, अजयवीर व अरविंद के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन, आबकारी अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इन चारों समेत मोनू व उसके 11 साथी भी गिरफ्तार हुए हैं।



