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मत्स्य विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक करें प्रचार-प्रसार
डीएम जसजीत कौर ने मत्स्य विभाग की सभी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करने व जनपद में मत्स्य पालन करने वालों की कार्यशालाओं का आयोजन करने के भी निर्देश दिए हैं।

शामली। डीएम जसजीत कौर ने मत्स्य विभाग की सभी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करने व जनपद में मत्स्य पालन करने वालों की कार्यशालाओं का आयोजन करने के भी निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में मत्स्य विभाग की प्रधानमंत्री सम्पदा योजना की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीएम ने योजना के संबंध में जानकारी ली। सहायक निदेशक मत्स्य राजेलाल ने बताया कि मत्स्य विभाग की सभी योजनाएं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत सम्पादित है। योजना में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला लाभार्थी (किसी भी वर्ग की) को इकाई लागत का 60 प्रतिशत एवं अन्य सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत परियोजना अंश के रूप में अनुदान धनराशि देय है, प्रोजेक्ट की शेष धनराशि लाभार्थी को व्यय करनी होगी। उन्होंने बताया कि लघु एवं सीमांत मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने के लिए परियोजना, योजना में व्यक्तिगत लाभार्थी अधिकतम 2 हैक्टेयर की सीमा तक लाभ प्राप्त कर सकेगा। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किसानों को केसीसी निर्गत कराने पर बल दिया। उन्होंने ग्रामसभा के पट्टे पर आवंटित तालाबों में मत्स्य पालन की स्थिति निकालकर मत्स्य उत्पादकता में वृद्धि करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए। सहायक निदेशक मत्स्य राजेलाल ने ताजे जल में मत्स्य प्रजाति संवधर्न हेतु निजी भूमि पर तालाब निर्माण के लिए की लागत 7 लाख हैक्टेयर, ताजे जल में जीव पालन, मेजर कार्प एवं पंगेशियस, तिलापिया आदि के लिए प्रथम वर्ष में 4 लाख हेक्टेयर निवेश करने, मत्स्य प्रजाति के लिए मत्स्य बीज हैचरी निर्माण लागत 25 लाख यूनिट, साइकिल विद आइस बाक्स 0.10 लाख यूनिट, साइकिल विद आइस बाक्स 0.10 लाख यूनिट, मोटर साइकिल आइस बाक्स 0.75 लाख यूनिट, थ्रीव्हीलर विद आइस बाक्स 3 लाख यूनिट, लघु मत्स्य आहार मिल 2 टन प्रतिदिन क्षमता 30 लाख यूनिट, ताजे जल क्षेत्रों में बायोफ्लाक तालाब निर्माण 4 लाख निवेश सहित 14 लाख यूनिट, खारे, क्षारीय , नमकीन जल क्षेत्र में मत्स्य संवर्धन हेतु निजी भूमि पर तालाब निर्माण 8 लाख हैक्टेयर, खारे, क्षारीय, नमकीन जल क्षेत्र में जल जीव पालन हेतु प्रथम वर्ष निवेश 6 लाख हैक्टेयर आदि योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डीएम ने मत्स्य विभाग की सभी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, उप कृषि निदेशक शिवकुमार केसरी, सहायक निदेशक मत्स्य सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

