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सत्येंद्र जैन ने भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरे जज के पास भेजने की मांग की

नई दिल्ली। जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन ने दिल्ली की एक अदालत से अनुरोध किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दायर कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामले दूसरे जज के पास भेजे जाएं। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने सुनवाई के दौरान दोनों मामलों की देखरेख कर रहे विशेष न्यायाधीश विकास ढुल को सूचित किया कि उन्होंने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास स्थानांतरण आवेदन दायर किया था।

सीबीआई भ्रष्टाचार मामले में कार्यवाही प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा अस्थायी रूप से 4 मई तक रोक दी गई है, जब जैन के स्थानांतरण आवेदन पर दलीलें सुनी जाएंगी। इस बीच ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इसी तरह की एक अर्जी पर 13 अप्रैल को सुनवाई होनी है।

जैन ने अनुरोध किया है कि विशेष न्यायाधीश ढुल मामले को स्थानांतरण आवेदनों के परिणाम आने तक स्थगित कर दें।

एक अदालती पूछताछ के जवाब में ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने पुष्टि की कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित जैन के आवेदन की एक अग्रिम प्रति प्राप्त हुई थी।

बाद में अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर दी।

केंद्रीय एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 की धारा 19 के तहत जैन को 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने जैन और उनकी पत्नी पूनम जैन के खिलाफ पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) पठित 13(1)(ई) के तहत 2017 में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर सत्येंद्र जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।

सीबीआई द्वारा 3 दिसंबर, 2018 को जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

इससे पहले, ईडी ने 31 मार्च, 2022 को जैन के स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों से संबंधित 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

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