
मेरठ। रैपिड रेल निर्माण के चलते दिल्ली रोड का व्यापार ठप होने के विरोध में सोमवार को व्यापारियों ने पुतला दहन किया। व्यापारियों ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, इसलिए व्यापारी आंदोलन करने पर मजबूर हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में सोमवार को व्यापारियों ने फुटबॉल चौक पर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैपिड रेल अधिकारियों पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पुतला दहन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली रोड पर रैपिड रेल परियोजना के कारण 90 प्रतिशत से अधिक दुकानें बंदी के कगार पर है। पीड़ित व्यापारी अपनी मांगों के लिए रेल प्रशासन और मेरठ प्रशासन से लगातार गुहार लगा रहे हैं, परंतु पीड़ितों की सुनवाई नहीं हो पा रही है व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को सांकेतकि धरना दिया था। इसके बाद भी रैपिड रेल परियोजना के अधिकारी व्यापारियों की कोई बात नहीं मान रहे।

व्यापारियों ने कहा कि दल्ली रोड बंद ना किया जाए। अधिग्रहण होने वाली दुकानों का जमीन, बिल्डिंग, फर्नीचर आदि का अधिग्रहण से पूर्व सर्किल रेट का 5 गुना मुआवजा दिया जाए। जो दुकानदार विस्थापित होंगे किराएदार या मकान मालिक, उन्हें एक करोड़ रुपए विस्थापन का मुआवजा दिया जाए, जिससे वह अन्य क्षेत्र में जाकर अपना व्यापार चालू कर सकें। व्यापारियों को बिजली के बिल, जीएसटी, बैंक का ब्याज, लेबर की तनख्वाह, दुकानों का किराया, हाउस टैक्स, घर का खर्चा, बच्चों की पढ़ाई का मुआवजा रैपिड रेल परियोजना चालू होने की दिनांक से समाप्त होने की दिनांक तक एक लाख रुपए प्रतिमाह दिया जाए। व्यापारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

