मेरठ विकास प्राधिकरण के गंगानगर क्षेत्र में चल रहे अनगिनत अवैध निर्माणों पर कार्रवाई सिर्फ फाइलों तक सीमित


मेरठ। जहां एक तरफ़ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई कर लगाम लगाती दिखाई दे रही है। तो वही दूसरी तरफ़ जनपद मेरठ के मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खण्ड जोन डी 4 के जोनल अधिकारी अर्पित यादव और उनके आधीन कार्य करने वाले अवर अभियंता मनोज सिसोदिया अवैध निर्माणों को रोकने एवं शमन शुल्क के रुप में आने वाले राजस्व की हो रही चोरी को रोकने में फेल दिखाई दे रहे है। बतादे की गंगानगर में गंगासगर, गंगा वाटिका, एपेक्स सागर वाटिका, कालोनियों के अंदर अवैध निर्माण कार्य 100% कवर्ड किए जा रहे है। जिन पर कंपाउंडिंग की कार्रवाई नही की जा रही है।, वही ग्लोबल सिटी कालोनी में भी अवैध फ्लैटों के निर्माण कार्य चल रहे है। और वही ग्लोबल सिटी कॉलोनी के पीछे अब्दुल्लापुर जाने वाले रास्ते पर फैक्ट्री का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है और वही ग्लोबल सिटी कॉलोनी के गेट के दोनो तरफ़ अवैध निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। मवाना रोड पर ट्रांसलेम स्कूल में अवैध कालोनी का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है। जिसका ध्वस्तीकरण कुछ दिन पहले किया गया था लेकिन जोन डी के अधिकारियों की मिलीभगत से फिर से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। वही इसके बराबर में माधव कुंज नाम से भी एक और अवैध कालोनी विकसित की जा रही है। जिसका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया है। और इसके अलावा भी गंगानगर डिवाइडर रोड व उसके आस पास में कई अवैध निर्माण कार्य लगातार धड़ल्ले से चल रहे है। और अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाए अपने पटल में बिठा कर अवैध निर्माणकर्ता स्वामी को कार्रवाई से बचने के लिए बताए जाते है। रास्ते, जेई जोनल की सांठगांठ से गंगानगर डिवाइडर रोड पर एक अवासीय भवन का मानचित्र स्वीकृत कर दीया जहां अवासीय मानचित्र पर कमर्शियल कांप्लेक्स बनाया जा रहा है। जिसमे बनी दुकानों पर शटर भी लगा दिए गए है। कार्रवाई शुन्य, इसके अलावा भी कई अनगिनत और अवैध निर्माण कार्य लगातार धड़ल्ले से जारी है। लेकिन कार्रवाई शून्य है।? इस बाबत जब पत्रकार इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई न होने की जानकारी लेने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय के पास पहुंचे तो वह अपने पटल पर नही मिले उसी दौरान मौके पर जोन डी के जोनल अधिकारी अर्पित यादव से मिले ओर उनसे जोन डी 4 में चल रहे अवैध निर्माणों की कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपको जो भी जानकारी चाहिए वह उपाध्यक्ष या सचिव देंगे जबकि वहा अवर अभियंता मनोज सिसोदिया भी बैठे चाय की चुस्कियां ले रहे थे और चाय की चुस्कियां लेते लेते अवर अभियंता ने कहा की हमारी फाइलों में सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई पुरी है। अखबार में यही छापदो जो हमने कहा है। और जोनल अधिकारी अर्पित यादव बोले की मुझे कुछ नही पता है। मै तो सिर्फ़ यहां बैठा हू और मैं तो यहां से हटना चहाता हू। अब आप खुद ही समझ सकते हो की मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खण्ड जोन डी के अधिकारियों को किसी उच्च अधिकारी का आशीर्वाद प्राप्त है। इसलिए उन्हे किसी का भी डर नही है। इसीलिए अवैध कमर्शियल निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आपको बतादे कि जोन बी 1 व जोन बी 2 में पूर्व में तैनात थे यही अवर अभियंता मनोज सिसोदिया जिन्हे इनके क्षेत्र में चलते अवैध निर्माणों की वजह से प्रवर्तन में से हटाकर डिविजन में किया गया था। उसके बाद जब नवयुक्त उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय के आने के बाद फिर से इन्हे प्रवर्तन खंड जोन डी 4 दे दिया गया। और इनके आने के बाद जोन डी 4 में अवैध निर्माणों का सिलसिला प्रारंभ हो गया। जोन डी 4 में चल रहे अवैध निर्माणों के बारे में मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडे ने पत्रकारों से होली त्यौहार से पहले इन अवैध निर्माणों पर सख़्त कार्रवाई करने की बात कही थीं जो अब हवा हवाई होती नजर आ रही है। और सबसे बड़ी बात इतने दिन बीत जाने के बाद कई अवैध निर्माण कार्य पूर्ण भी हो चुके है। जोन डी 4 से शमन शुल्क के रूप में आने वाले करोड़ों रुपए के राजस्व की हो रही हानी का जिम्मेदार कौन।?


