किसान क्रेडिट कार्ड किसानों की मौत का कार्ड है, ओर भी किसान जाएंगे जेल: राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के किसानों पर किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में कई किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया गया। गांव के किसानों ने किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई तो चौधरी राकेश टिकैत ने क्रेडिट कार्ड को किसान की मौत का कार्ड बताया। मुजफ्फरनगर की पुलिस पर आतंक फैलाने का आरोप लगाया। कहा कि किसान पैसे भी दे रहे हैं और जेल भी जा रहे हैं। यह देश का पहला केस है जब किसान केसीसी के लिए किसान जेल गया है। पूरा मामला थाना तीतावी क्षेत्र के विभिन्न गांवों का है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि टिकैत साहब यह कहते थे, कि यह क्रेडिट कार्ड नहीं किसान की मौत का कार्ड है। और आज यह मुज़फ्फरनगर में हि साबित हो गया। जिन किसानों ने क्रेडिट कार्ड बनवाएं चार पांच साल से उनके पैसा जमा नहीं होंगे उनके ऊपर एफ आई आर दर्ज करके उनको जेलों में डाला जा रहा है। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि उनसे सेटलमेंट कर लो जैसे आप सभी से करते हैं उनका कि वह पैसे भी देने के लिए तैयार है। लेकिन फिर भी जेल भेजा जा रहा है। एक फर्जीतरीके से कार्ड बनवाएं। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि अब शुरुआत हो चुकी है और अभी तो 40-50 किसान ही आए हैं कहा कि और भी आएंगे और यह किसान बघरा ,तिताव इन गांव के बैंकों का मामला है उन्होंने कहा कि यह बैंक किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रही है और पुलिस किसानों से मुस्लिमों की तरह व्यवहार कर रही है और पुलिस ने महिलाओं के साथ भी मारपीट की है कोई रिपोर्ट महिलाओं की तरफ से दर्ज नहीं की गई है।

चौधरी राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर की पुलिस पर आरोप लगाया कि रात को 2 बजे घरों में घुस कर महिलाओं के पेट में लात मार के उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड के घर के पुरुषों ने बनवा रखा होगा और गिरफ्तार महिलाओं को किया जा रहा है उन्होंने पूरी पुलिस का आतंक बताते हुए कहा कि जो महिला के पेट में बच्चा था वह भी एक्सपायर हो गया चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हम जेल में जा रहे हैं और उन किसानों से भी मिलेंगे उन्होंने कहा कि यह देश का पहला केस हैं कि किसान केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड ) की वजह से जेल में गया है। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि जो किसान ने लोन लिया है उसको किसान जमा भी कर रहा है और जमा करने वालों को ही जेल में डाला जा रहा है कहा कि यदि बैंक ने ज्यादा पैसे दिए हैं तो ज्यादा पैसे ही वापस लिए जा सकते हैं उसमें मारपीट या मुकदमों का क्या काम है चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि इस तरह का काम बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने किया है।
मुजफ्फरनगर के ग्राम लखान थाना क्षेत्र तितावी के निवासी नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा गांव डिंडावली में है और बैंक के मैनेजर का गांव में आना जाना था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने के लिए बैंक मैनेजर ने 20 परसेंट कमीशन लिया था। और सभी किसानों को लोन दिया था उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ किसानों ने बैंक का पैसा जमा भी करा दिया। लेकिन उसके बाद भी सभी को जेल में भेजा जा रहा है। आरोप लगाया कि पुलिस सभी को पकड़ रही हैं चाहे कोई अपाहिज हो या गंभीर बीमार हो किसान नरेंद्र ने बताया कि हम पैसा देने के लिए भी तैयार है। लेकिन उसके बाद भी हम पर केस किया जा रहा है।


