बालकृष्ण शर्मा का स्वतंत्रता आंदोलन में रहा था बड़ा योगदान
बालकृष्ण शर्मा को स्वतंत्रता सेनानी व राजनैतिज्ञ के रुप में जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कॉलेज की शिक्षा छोडक़र वह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए थे।

गुडग़ांव। बालकृष्ण शर्मा को स्वतंत्रता सेनानी व राजनैतिज्ञ के रुप में जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कॉलेज की शिक्षा छोडक़र वह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए थे। स्वतंत्रता सग्राम में उनकी अहम भूमिका रही थी। उक्त बात समाजसेवियों ने बालकृष्ण शर्मा की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए कही। वक्ताओं ने कहा कि 1921 व 1944 में स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने के लिए बालकृष्ण शर्मा को अंग्रेजों द्वारा 6 बार जेल भेजा गया। वह संयुक्त प्रांत से संविधान सभा के लिए मनोनीत भी किए गए थे। वह प्रसिद्ध कवि होने के साथ-साथ एक अनुभवी पत्रकार भी रहे थे। प्रताप पत्रिका के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी के संपर्क में काफी समय तक रहे और उनके निधन के बाद वह प्रताप के संपादक भी बने थे। साहित्य के क्षेत्र में इनके द्वारा दिए गए योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा इनको पद्मभूषण से सम्मानित भी किया गया था। 29 अप्रैल 1960 को बालकृष्ण शर्मा का निधन हो गया था। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों से सभी को सीख लेनी चाहिए ताकि देश व समाज उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हो सके।




