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श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में गोष्ठी का आयोजन किया

श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक ‘‘वेरियस आसपैक्ट्स, पैरामीटर्स एण्ड मोड्यूल्स ऑफ इन्टर्नशिप’’ था।

मुजफ्फरनगर। दिनांक 29.04.2022 को श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर की इकाई श्रीराम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक ‘‘वेरियस आसपैक्ट्स, पैरामीटर्स एण्ड मोड्यूल्स ऑफ इन्टर्नशिप’’ था।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्कर्ष उपाध्याय, जो ‘‘कैरियर लैब्स’’, दिल्ली के हैड व सतीश आनन्द मुख्य प्रवक्ता एवं ‘‘कैरियर लैब्स’’ के ट्रेनर हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी की शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर व्यवहारिक ज्ञान के अभाव में दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है। व्यवहारिक ज्ञान वह है जिसमें प्रशिक्षु अपने अनुभवों के आधार पर शिक्षण अधिगम प्रक्रिया करवा सकें साथ ही वह समुदाय व परिवेश से निरन्तर सीखता रहे और उसमें स्वतन्त्र चिन्तन की क्षमता विकसित हो सके। आज का विद्यार्थी भविष्य में भावी इंजीनियर के रूप में समाज और विश्व को वेहतर बनाने की दिशा में अपनी भूमिका को निभाने वाला होना चाहिये। उन्होंने कहा कि इन्टर्नशिप के मोड्यूल्स विद्यार्थी के अपने व्यवसाय से परिचित होते हैं जहां उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त होता है। विद्यार्थी सीधे तौर पर पुस्तकीय ज्ञान से जुड़ा होता है जिसके कारण उसे मशीनरी शिक्षा का ज्ञान नहीं हो पाता है इसलिये इन्टर्नशिप के द्वारा उसे शाल्य शिक्षण, सह-शैक्षिक गतिविधियों के द्वारा उसे समाज व समुदाय से जुड़ने का अवसर मिलता है जिससे विद्यार्थी की अन्तःदृष्टि का विकास होता है इसलिये विद्यार्थी के भविष्य के लिये इन्टर्नशिप आवश्यक हो गई है।
‘‘कैरियर लैब्स’’ से आये मुख्य अतिथियों द्वारा जो इन्टर्नशिप मोड्यूल्स ई0सी0ई0 के विद्यार्थियों के लिये उपयोगी हैं, उन पर प्रकाश डाला गया। साथ ही अलग-अलग कम्पनियों में कौन सी इन्टर्नशिप कराई जाती है उसके बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि उनके यहां इन्टर्नशिप द्वारा कम्पनियों में प्लेसमेंट भी कराया जाता है। विद्यार्थियांे को आजकल के आई0टी0 आधारित युग में निरन्तर अपडेटेड रहने की आवश्यकता है और इसमें इन्टर्नशिप की अहम भूमिका है।
श्रीराम गु्रप ऑफ कॉलेजेज प्रत्येक वर्ष छात्रों के भविष्य के लिये समय-समय पर इन्टर्नशिप के कार्यक्रम को महत्व देता रहता है जिससे भविष्य में छात्रों को तकनीकी व मशीनी ज्ञान होता रहे।
डॉ0 आलोक गुप्ता, निदेशक, श्रीराम गु्रप ऑफ कॉलेजेज ने कई उदाहरण के माध्यम से सभी विद्यार्थियों को सफलता की कुंजी के विषय में बताया। उन्होंने बताया कि आज के औद्योगिकरण के युग में पुस्तकीय शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान का भी होना आवश्यक है।
श्रीराम गु्रप ऑफ कॉलेजेज की डीन, अकेडेमिक्स प्रो0 साक्षी श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ हमारे संस्थान में समय-समय पर विद्यार्थियों के भविष्य के लिये ऐसी सेमिनार का आयोजन किया जाता है जिससे विद्यार्थी आगे चलकर मात्र एक डिग्री के अधीन न रहें बल्कि व्यावसायिक रूप से भावी इंजीनियर बनाने की दिशा में अग्रसर हों।
इस कार्यक्रम में इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजी0 के सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजी0 की विभागाध्यक्षा इं0 कनुप्रिया ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस गोष्ठी के आयोजन से श्रीराम गु्रप ऑफ कॉलेजेजे के इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान में निश्चित रूप से समृद्धि होगी।
कार्यक्रम के अवसर पर संस्थान की इंजी. कनुप्रिया, इंजी. अमित कुमार गुप्ता, इं0 आशीष सिंह, ंइं0 इन्दु, इं0 मनोज कुमार, इं0 वेनी भारद्वाज, श्री गगन तायल आदि उपस्थित रहे।

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