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यशवीर महाराज का महमूद मदनी के बयान पर पलटवार, 8 दिन के भीतर दी शास्त्रार्थ की चुनौती

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी क्षेत्र के गांधीनगर पहुचे यशवीर जी महाराज सरस्वती ने दिल्ली के रामलीला मैदान में महमूद मदनी के द्वारा दिए गए बयान का पलटवार किया उन्होंने कहा की दिल्ली के रामलीला मैदान में महमूद मदनी ने जो कहा मंच से वह सिद्धांत के विपरीत है और असत्य कहा सत्य को छुपाया जो उसको बताना था वह नहीं बताया लेकिन यह कहा कि भारत इस्लाम का देश है जबकि भारत इस्लाम का देश नहीं है भारत सनातन परंपरा का देश है वैदिक धर्म का आर्यों का ऋषियों का हिंदुओं का देश है।
इस्लाम का देश अरब है।

उसने जो गलत कहा है उसकी बात को काटने के लिए हमने उसको सस्त्रकार की चुनौती दे दी है और शास्त्र कार करने का स्थान हमने बता दिया देवबंद इस्लामिक मदरसा और महमूद मदनी से हमने समय पूछा है। तारीख पूछी है किस समय पर कहां पर शास्त्रार्थ करने के लिए आए हमें बताएं हम वहां पहुंच जाएंगे।

यदि वहां सबको एकता राष्ट्रीयता के सूत्र में बांधने के लिए कि भाई राष्ट्र का कुछ भला हो विचारधारा रखने के लिए वहां वह सम्मेलन बुलाया उसका उसका उद्देश्य महमूद मदनी के विचारों से साफ हो गया कि उसके अंदर कुछ और बातें थी इस माध्यम से वह दूसरी बात कहना चाहते थे वह कह गए। लेकिन वहां जो दूसरे धर्म के लोग बुलाए थे वहां से रुष्ट होकर के आ गए लेकिन अपने कर्तव्य से वह भी विमुख हो गए उन्हें वहां से नहीं आना था उन्हें तो मंच पर खड़े होकर के माइक पर आना था और महमूद मदनी की जो विचारधारा से जो शब्द कहे उसका एकदम से खंडन करना था।

उस इस्लामिक मंच के माध्यम से हमारी वैदिक सनातन परंपरा पर सीधा हमला है और इस तरह के शब्द कहने पर उसको भारत सरकार गिरफ्तार करे और गिरफ्तार करके रासुका संबंधित धाराओं में जेल में भेज दें।

गिरफ्तारी की भी मांग करता है और शास्त्रार्थ की भी मांग करते हैं यदि शास्त्रार्थ करने के लिए वह नहीं आता एक हफ्ते का हम उसको समय देते हैं हफ्ते के अंदर यदि उसने हमें शास्त्रार्थ करने के लिए आमंत्रित कर दिया तो ठीक है नहीं तो 1 हफ्ते के पश्चात हम यहां मुजफ्फरनगर से कुछ करेंगे और इस्लामिक मदरसे के बाहर धरना देकर के बैठ जाएंगे जब तक वह शास्त्रार्थ करने के लिए नहीं आएगा।

वैसे तो हम रहेंगे लेकिन जो भी हिंदू धर्म में विश्वास रखता है हिंदू राष्ट्र की रक्षा इस राष्ट्र की रक्षा की चिंगारी जिसके अंदर हमेशा जलती हो वह इसमें हमेशा सभी लोग आएंगे और उन्हें आमंत्रित भी करेंगे अब जो जाने वाले होंगे वह अवश्य वहां पहुंचेंगे।

उनकी यह एक विचारधारा है कोई यह समझे कि यह शिक्षा का ही एक क्षेत्र है स्थान है। लेकिन उसके साथ-साथ उनकी मानसिकता ही वही है जिस के संबंध में वह एकदम किसी को भी कुछ बात कहने पर सर कलम कर देने की आज्ञा दे देते हैं। तो यही विचारधारा वहां है । और केवल यह विचारधारा वहां है और अब से 1 दिन पहले जो उन्होंने घोषणा की थी कि संघ 2047 तक हम इस देश पर यानी भारत पर कब्जा कर लेंगे तो यही मानसिकता उसकी वहां पर बोली रामलीला मैदान में लेकिन वह भूल गया पहले वाले हिंदू नहीं रहे कि वह पहले वाले हिंदू नहीं रहे ऐसा ना हो कि यहां के हिंदुओं की विचारधारा कुछ और बदल जाए और मैं तो मुसलमानों के समझदार वह बुद्धिजीवी है उनसे कहता हूं कि मदनी की जो विचारधारा है जो शब्द है वह खुले रुप में खंडन करें और खंडनकर के मैदान में आए और इतना खंडन करें कि महमूद मदनी को माफी मांगनी पड़ जाए । कहीं ऐसा ना हो कि मैं दिव्य दृष्टि से देख रहा हूं कि हम लोग साधु है हमें परमात्मा पर विश्वास है परमात्मा की शक्ति में विश्वास है। यहां के हिंदुओं की विचारधारा कुछ और ना हो जाए तो उससे पहले यह है कि हमारे देश का वातावरण जैसा अच्छा बना हुआ है यह विचारधारा वैसे ही बनी रहे तो देश में शांति रहेगी और नहीं तो कुछ भी हो तो उसके लिए जिम्मेदार महमूद मदनी और उसके साथ रहने वाले लोग होंगे

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