सरकार बढ़ती हुई महंगाई को रोकने में रही है असफल
प्रदेशवासियों को जातिवाद में फंसाकर उनका ध्यान मुद्दे से भटकाकर प्रदेश सरकार जरुरत के सामान की कीमतों में बेहतहाशा वृद्धि करती जा रही है।

गुडग़ांव। प्रदेशवासियों को जातिवाद में फंसाकर उनका ध्यान मुद्दे से भटकाकर प्रदेश सरकार जरुरत के सामान की कीमतों में
बेहतहाशा वृद्धि करती जा रही है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। समय रहते सरकार को महंगाई को नियंत्रित करना चाहिए, ताकि प्रदेशवासी आराम से अपनी जिंदगी बसर कर सकें। उक्त बात इनेलो के वरिष्ठ नेता व पूर्व लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र राणा ने कार्यकर्ताओं से कही। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करना बंद होना चाहिए। धार्मिक कार्यक्रम अमन चैन और शांति के लिए होते हैं, जिससे आपसी भाईचारा बढ़ता है, लेकिन कुछ लोग भडक़ाने का काम कर रहे हैं। देश के भीतर अमूमन 6 माह में चुनाव आयोग कहीं न कहीं चुनाव कराता है और इसी दौरान जाति व धर्म के नाम पर जनता को बरगलाया जाता है। देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। कृषि कानूनों को लेकर किसानों की मांगों को अभी तक भी पूरा नहीं किया गया है। राणा ने जनसुविधाओं का हवाला देते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास मात्र नारा ही बनकर रह गया है। जनता को मूलभूत सुविधाएं देने के नाम पर केवल लीपापोती ही हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना कर बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का काम करे जिससे युवा अपने पैरों पर खड़े होकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।




