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मुज़फ्फरनगर में काली नदी में मिली सिर कटी लाश की गुत्थी उलझी,जाने क्या है पूरा मामला

 

मुज़फ्फरनगर। गत 14 जनवरी को काली नदी में मिली सिर कटी लाश की गुत्थी उलझती जा रही है। लाश का अंतिम संस्कार होने के बावजूद अब तक उसकी पहचान साबित नहीं हो सकी है, जिसके चलते अब पुलिस कथित तौर पर लापता युवक की पत्नी व उसके बेटे का डीएनए सैंपल लेने की तैयारी कर रही है।

शहर कोतवाली क्षेत्र में शामली रोड स्थित काली नदी में गत 14 जनवरी को एक युवक की सिर कटी लाश पानी में तैरती मिली थी। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। बाद में उक्त लाश की पहचान कर शहर के मिमलाना रोड निवासी एक महिला ने कई दिन से लापता अपने पति जमशेद के रूप में की थी।

इस पर शहर कोतवाली पुलिस ने उक्त महिला को सिर कटे शव की सुपुर्दगी दे दी थी, जिसके बाद महिला की ओर से दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। बाद में शव को भी जमशेद का ही मानते हुए सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था। शव सुपुर्द ए खाक होने के बाद पुलिस इस मामले का पटाक्षेप होना मानकर चल रही थी, लेकिन शव दफनाने के तीन दिन बाद उक्त महिला फिर से थाने पहुंची और सिर कटी लाश अपने पति जमशेद की होने से इनकार कर दिया।

इसके चलते पुलिस ने कथित तौर पर लापता जमशेद की मां का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था, लेकिन अब पुलिस शव की पहचान पुख्ता करने के लिए उसकी शिनाख्त करने वाली महिला व उसके बेटे का भी डीएनए सैंपल लेने की तैयारी कर रही है। मामले में शहर कोतवाल इंस्पेक्टर महावीर सिंह चौहान का कहना है कि शव की शिनाख्त करने वाली महिला ने दो लोगों पर अपने पति जमशेद को बुलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला है। ऐसे में शव की पुख्ता पहचान करने के लिए उसकी मां के साथ ही महिला व उसके बेटे का भी डीएनए सैंपल लिया जाएगा।

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