हवन यज्ञ व भंडारे के साथ हुआ श्रीमद्भागवद कथा का समापन
पट्टी ढोलान के शिव मंदिर बिनौली में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सफ्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव का सोमवार को हवन यज्ञ व भंडारे के साथ समापन हो गया।
बिनौली। पट्टी ढोलान के शिव मंदिर बिनौली में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सफ्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव का सोमवार को हवन यज्ञ व भंडारे के साथ समापन हो गया।

कथा प्रवक्ता आचार्य राधारमन महाराज के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुति देकर धर्मलाभ उठाया। इस अवसर पर कथा प्रवक्ता ने कहा कि श्रीमद्भागवद कथा के श्रवण करने को ही संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म माना गया। यह भगवान का वांग्मय स्वरूप है। जो जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय होने पर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि समाज में हर मनुष्य को परोपकार की राह पर चलकर हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म को ही प्रधानता दी। बिना किए हमें कुछ भी प्राप्त नहीं होता है। अच्छे कार्यों का प्रतिफल हृदय को आनंदित करता है। बुरे आचरण करने पर दुष्परिणाम ही सामने आते हैं। भागवत कथा सुनने से ही जीवन का कल्याण है। कथा के समापन पर आयोजित भंडारे में ग्रामीणों ने प्रसाद लंगर ग्रहण किया। भंडारे में ग्राम प्रधान रेनू धामा, उपेंद्र प्रधान, गगन धामा, महेश धामा, सुरेश शर्मा, राजीव गोस्वामी, डॉ. देवदत्त शर्मा, लीलू चौहान, नकुल शर्मा, सौराज धामा, कुलवीर धामा,अशोक धामा, विनीत धामा, अजीत धामा, अनिल मेम्बर, बिट्टू शर्मा, पीयूष जैन, सुधांशू जैन, महक सिंह, सत्यप्रकाश वर्मा सहित समस्त ग्रामीणों का सहयोग रहा।


