मुजफ्फरनगर(संजय धीमान)। जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय के निर्देशानुसार विद्यालय के प्रांगण में स्पीक मेके संस्था के तत्वाधान में भारतीय संस्कृति व सांस्कृतिक विरासत, भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के महत्व को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्था ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर की ए ग्रेड कलाकार श्रीमती शायोनी चक्रवर्ती जी के द्वारा शास्त्रीय नृत्य की एक बहुत सुंदर झलक प्रस्तुत की गई। कार्यशाला का शुभारंभ कलाकार, जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय, प्रधानाचार्या व समस्त आगंतुक अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलितव पुष्प अर्पित करके किया गया।
शायोनी चक्रवर्ती जी द्वारा छात्राओं को भरतनाट्यम का अर्थ, उसकी मुद्राओं, भाव भंगिमा, नेत्र संचालन, अभिनय द्वारा विभिन्न भावो के प्रस्तुतीकरण के विषय में विस्तार से समझाया व अभ्यास कराया गया। उन्होंने अपने नृत्य और भाव भंगिमाओं के माध्यम से ईश्वरीय चरवाहा (Divine Cowherd) अर्थात श्री कृष्ण जी के चरवाहे रूप की महिमा भी प्रस्तुति दी।
वंदे मातरम सुजलाम सुफलाम राष्ट्रीय गीत पर एक सुंदर मनमोहक प्रस्तुति उनके द्वारा दी गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को समस्त माध्यमिक विद्यालयों के छात्र छात्राओं तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
प्रधानाचार्या श्रीमती रजनी गोयल जी ने उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
प्रधानाचार्या जी ने कहा कि आदरणीय जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय के प्रयासों से माध्यमिक विद्यालयों में प्रथम बार इस प्रकार का आयोजन किया जा रहा है जिससे छात्राओं को प्राचीन भारतीय सभ्यता व संस्कृति के विषय में ज्ञान प्राप्त हो रहा है। प्रधानाचार्या श्रीमती रजनी गोयल द्वारा कलाकार को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय, अनेक विद्यालयों के सम्मानित प्रधानाचार्य सुनील कुमार शर्मा, राजेश कुमारी, कुसुमलता, सुमित्रा, कुसुम त्यागी, विजय शर्मा, स्पीक मैके के सदस्य डॉ आर एम तिवारी, भावना सिंघल, डॉ नीति, गरिमा जैन, हर्ष, डॉ मृदुला मित्तल इत्यादि उपस्थित रहे।
कार्यशाला में डॉ रितु चावला, पूनम शर्मा, रीना यादव, प्रतिमा तायल, मधु गुप्ता, दीपा रानी, नेहा धीमान आदि का विशेष सहयोग रहा।


