३५ ते ५५ आयु वर्ग के लोग में बढ रही हैं आंखो की समस्या
गर्मी के कारण आईफ्लू, सुखी आंखे, आंखे में इन्फेकशन, आंखो से पानी आना, आंखों का लाल होना ऐसी समस्या दिखाई दे रही है

दिल्ली – गर्मी की वजह से न सिर्फ त्वचा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं बल्कि आंखों की भी समस्याएं हो सकती हैं। 35-55 आयु वर्ग के अधिकांश लोगों ने गर्म मौसम के कारण यूवेइटिस, खुजली, लालिमा और आंखों में जलन, आंखो से पानी आना, आंखों का लाल होना और कॉर्नियल जलन की शिकायत कर रहे है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, हर साल गंभीर आंखो की समस्या लेकर ४ ते ५ मरीज ओपीडी इलाज के लिए आते है। लेकिन इस साल जनवरी से अप्रैल तक आंखों की समस्या के पिडीत २० मरीज सामने आए है। गर्मी के कारण आंखो की समस्या के पिडीत मरीजों की संख्या बढती जा रही हैं। इसलिए धूप में चश्मे का उपयोग करे, जादा पानी का सेवन करे ताकि आप आंखो की समस्या से बच खुद का बचाव कर सकते हो।

दिल्ली के अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ कार्तिकेय संगल ने कहा कि, “सूर्य की किरणों के लगातार संपर्क में आने से कॉर्निया जलन, मोतियाबिंद और रेटिना को नुकसान होने की संभावना बढ़ती है। अधिक गर्मी के कारण ओकुलर बर्न और मैकुलर डिजनरेशन भी हो सकता है। इसके अलावा आंखों में खुजली, जलन, धुंधली दृष्टि और सूखी आंखों की समस्या हो सकती है। ज्यादा समय तक धूप में रहने से आँखों में चिपचिपापन और पानी गिरने की समस्या पैदा हो जाती है। इसके अलावा गर्मी में आंखों में एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस की समस्याएं बढ़ जाती हैं। यह वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है। यह संक्रामक है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए आंखों की सुरक्षा के लिए आपको खास सावधानी बरतने चाहिए।”

डॉ संघल ने कहा, “अस्पताल में इलाज के आने वाले मरीज युवाइटिस यह आंखो की संबंधित बिमारी से पिडित थे। इस बिमारी में आंखे के अंदर सूजन और लालिमा आ जाती है। गर्मी के माहौल से अचानक ठंड तापमान में जाने से यह समस्या होती है। यह आंखों की समस्या ३५-५५ आयु वर्ग में देखने को मिलती है। पिछले साल आंखो की समस्यावाले ४ -५ मरीज इलाज के लिए आए थे। लेकिन इस साल जनवरी से अप्रैल तक २० मरीजोंका इलाज किया है। इसमें १६ पुरूष और ४ महिला का समावेश है।
“आंखों की समस्याओं को रोखने के लिए अचानक तापमान परिवर्तन से बचें। इसके अलावा व्यक्तिगत स्वच्छता रहे, खों को बार-बार छूने और रगड़ने से बचें, आंखों का मेकअप या आंखों के उत्पादों को किसी के साथ साझा न करें, और जब आप दिन में बाहर हों तो धूप का चश्मा पहनें। रात को सोते समय लेंस को हटा दें और उन्हें साफ करना न भूलें। सूखी आंखों को रोकने के लिए अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें। बाहर से आते ही अपना चेहरा धोने से आपको एलर्जी से निपटने और आंखों से संबंधित लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। अपनी आंखों में गुलाब जल या कोई अन्य रसायन युक्त उत्पाद न डालें क्योंकि इससे आंखों की समस्या बढ़ सकती है।, ” डॉ संगल



