सिसाना में धूमधाम से मनाया गया गौपाष्टमी का पर्व
सिसाना गांव की गऊशाला में गौपाष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रात गऊशाला परिसर में हवन आयोजित किया गया। उसके बाद आरती की गई। हवन पंडित अर्जुन मिश्रा द्वारा कराया गया। हवन में मुख्य यजमान गुरु ब्रहमपाल रहे।
बागपत। सिसाना गांव की गऊशाला में गौपाष्टमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रात गऊशाला परिसर में हवन आयोजित किया गया। उसके बाद आरती की गई। हवन पंडित अर्जुन मिश्रा द्वारा कराया गया। हवन में मुख्य यजमान गुरु ब्रहमपाल रहे। इस अवसर पर गायों को चुन्नरी ओढाकर, माला तथा पगडी पहनाकर तिलक आदि से पूजन, आरती की गई। गायों के सींगों में रिबन एवं गले में घंटी बांधी गई। गायो को गुड , खीर आदि खिलाये गये। उसके बाद सभी लोगों को खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
एक पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने पहली बार इस तिथि को गौचारण कराया था, इसीलिए गौपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। गायो का पालन, संरक्षण, संवर्द्धन एवं रक्षण करने के कारण श्री कृष्ण भगवान का एक नाम गोविंद भी है। सनातन -धर्म में गायों को विशेष महत्व दिया गया। गाय हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। गाय माता के रूप में मनुष्यो का पालन करती है। गौदुग्ध सभी दुग्धो में सर्वोतम हैं। गाय के दूध के साथ-साथ गाय के गोबर एवं गौमूत्र का भी अत्यन्त महत्व है। गाय का गोबर व मूत्र जहाँ कृषि के लिए लाभदायी है, वही गौमूत्र का औषधीय महत्व भी है।
जिस घर, राष्ट्र, देश एवं काल में गौपालन व रक्षण होता है, वह उन्नति, प्रगति, संपन्नता व सुख- समृद्धि एवं धन-धान्य को प्राप्त होता है। सिसाना स्थित इस गऊशाला के संचालन में स्व कलशाराम के परिवार एवं पुत्र -पौत्र आदि का विशेष सहयोग है।
कलशाराम के पौत्र रविन्द्र चौहान का गौशाला के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। इस अवसर पर गुरु ब्रहमपाल, कंवरनाथ जी महराज, विनीत चौहान, सुशील चौहान, अवधेश चौहान, उमेश चौहान, अनिल चौहान, शिवकुमार चौहान, नितिन चौहान, सत्यम, प्रिंस , डिम्पी, अन्जू आदि उपस्थित रहे।


