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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए जारी की एडवाईजरी

छात्रों की उपस्थिति न बनाई जाए अनिवार्य, बीमार हैं तो तुरंत भेजें घर

गुडग़ांव (अशोक): देश की राजधानी दिल्ली व साथ लगते गुडग़ांव
में कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढऩे लगा है। गुडग़ांव में प्रदेश के अन्य
जिलों की अपेक्षा सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। संक्रमितों की
संख्या 600 पार कर चुकी है। कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या
में भी कमी आई है। बताया जाता है कि संक्रमितों में 14 वर्ष तक के बच्चे
भी शामिल हैं। हालांकि अधिकांश मरीजों का उपचार होम आईसोलेशन में ही चल
रहा है। मरीजों को अस्पताल पहुंचने की जरुरत महसूस नहीं हो रही है। 2
वर्षों के बाद शिक्षण संस्थाएं खुली थी। छोटे बच्चों ने भी अप्रैल माह से
स्कूल जाना शुरु किया था, लेकिन अब कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ जाने से
अभिभावकों को भी चिंता सताने लगी है कि कहीं उनके छोटे बच्चे कोरोना
संक्रमण की चपेट में न आ जाएं। प्रदेश के शिक्षा विभाग ने भी एडवाईजरी
जारी कर स्कूल के मुखियाओं से कहा कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति को
अनिवार्य न रखा जाए। यदि कोई छात्र बीमार हो जाता है तो उसे तुरंत घर
भेजा जाए। यदि उसके कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो जाती है तो कुछ समय के
लिए स्कूल को भी बंद कर दिया जाए। गौरतलब है कि नोएडा व गाजियाबाद के कई
स्कूलों में छात्र व शिक्षक कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। शिक्षा विभाग
का कहना है कि सभी स्कूलों को पत्र भेजकर कहा गया है कि कोरोना संक्रमण
से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फेस मास्क, सामाजिक दूरी व
सैनिटाईज के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए। खाने-पीने व अन्य वस्तुएं
एक दूसरे को न देने के लिए छात्रों को जागरुक किया जाए। उधर सैक्टर 4
स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमनलता शर्मा का कहना
है कि छात्रों से आग्रह किया जा रहा है कि वे मास्क लगाकर ही स्कूल आएं
और 12 वर्ष से 18 वर्ष की आयु वर्ग के छात्रों को वैक्सीन लगवाने के लिए
जागरुक किया जा रहा है ताकि छात्र कोरोना संक्रमण से बच सकें। स्वास्थ्य
विभाग ने भी कोरोना जांच बढ़ा दी है। आम लोगों को भी कोरोना जांच के लिए
स्वास्थ्य विभाग जागरुक करने में जुट गया है। पिछले दिनों कोरोना
संक्रमितों की संख्या नगण्य आ गई थी, इसलिए कोरोना जांच कम हो गई थी।
जिसे अब फिर से बढ़ा दिया गया है। कोरोना जांच शिविरों का आयोजन भी शुरु
हो चुका है। धार्मिक स्थलों, पार्क व स्कूलों में भी कोरोना जांच के
शिविर लगाए जाएंगे, ताकि लोग अपनी कोरोना जांच करा सकें।

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