नेत्रदान के लिए प्रेरित कर देवदूत बने, अभिमन्यु गुप्ता, उर्वशी व साक्षी को जियालाल प्रेमवती सम्मान से सम्मानित,
नेत्रदान मृत्यु से उसे 6 से 8 घंटे तक हो जाना चाहिए प्रधानाचार्य श्रीमती मंजू कौशिक जी ने कहा छात्राएं अपने परिवारों में जाकर नेत्रदान की जानकारी प्रदान करें और दृष्टिदूत की भूमिका निभाए इस अवसर पर नेत्रदान के संकल्प पत्र भी वितरित किए गए प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी 30 छात्राओं को जियालाल श्रीमती अग्रवाल सर्टिफिकेट दिया गया
नेत्रदान के लिए प्रेरित कर देवदूत बने, अभिमन्यु गुप्ता, उर्वशी व साक्षी को जियालाल प्रेमवती सम्मान से सम्मानित, अग्रवाल धर्मशाला अग्रवाल मंडी टटीरी में भारत सरकार द्वारा 37 वे राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता के पखवाड़े अंतर्गत लायंस क्लब अग्रवाल मंडी डिस्ट्रिक्ट 321 c-1एवं जिला रेडक्रॉस समिति बागपत के संयुक्त तत्वाधान में वैदिक कन्या इंटर कॉलेज अग्रवाल मंडी टटीरी में आयोजित नेत्रदान को प्रेरित करते हुए पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता मैं कुमारी उर्वशी ने प्रथम स्थान एवं कुमारी अंजली ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया स्लोगन राइटिंग हिंदी में कुमारी साक्षी ने प्रथम कुमारी जानवी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया सभी विजेताओं को सुप्रसिद्ध समाजसेवी लॉयन ईश्वर अग्रवाल द्वारा अपने माता पिता की स्मृति में स्थापित जियालाल प्रेमवती अग्रवाल सम्मान से एवं ट्रॉफी देकर एवं उपहार देकर जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव एवं चेयरमैन अंधता निवारण समिति लॉयन अभिमन्यु गुप्ता सचिव लॉयन पंकज गुप्ता एवं श्रीमती मंजू कौशिक जी प्रधानाचार्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज एवं अतुल जिंदल अंकित जिंदल कॉलेज की श्रीमती मिथलेश श्रीमती मंजू आदि ने सम्मानित किया इस अवसर पर लॉयन अभिमन्यु गुप्ता ने कहा नेत्र दान के लिए प्रेरित करने वाले देवदूत होते हैं यह सबसे उत्तम दान है यह मृत्यु उपरांत होने वाला दान है इससे दो व्यक्तियों के जीवन में रोशनी आ जाती है मृतक की आंखें दुनिया को देखती है नेत्रदान की सुविधा निशुल्क मिलती है नेत्रदान मृत्यु से उसे 6 से 8 घंटे तक हो जाना चाहिए प्रधानाचार्य श्रीमती मंजू कौशिक जी ने कहा छात्राएं अपने परिवारों में जाकर नेत्रदान की जानकारी प्रदान करें और दृष्टिदूत की भूमिका निभाए इस अवसर पर नेत्रदान के संकल्प पत्र भी वितरित किए गए प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी 30 छात्राओं को जियालाल श्रीमती अग्रवाल सर्टिफिकेट दिया गया


