पिता ने नहीं दिलवाई कार तो रची अपने ही अपहरण की साजिश, मांगी 10 लाख फिरौती, फिर जाने पिता ने क्या किया
एक शख्स ने बिहार में अपने ही अपहरण की साजिश रचने के बाद पिता से फिरौती की मांग की। पिता ने पुलिस के पास जाकर मदद की गुहार लगाई और बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद पिता को जो बताई उसे सुनकर उन्हें विश्वास नहीं हुआ, इसके बाद उन्होंने खुद अपने बेटे को जेल भेज दिया।
बिहार के मुंगेर से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहा एक शख्स ने अपने ही अपहरण की साजिश रच कर पिता से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की है। मामला मधुबनी जिला के राजनगर थाना क्षेत्र के राजनगर गांव का है, जहां एक शख्स ने पहले अपने पिता से कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपए मांगे थे, मगर पिता ने उसे पैसे देने से मना कर दिया। फिर शख्स ने पिता से पैसे निकलवाने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रची और फिरौती की मांग की। राजनगर थाना क्षेत्र के निवासी सियाराम सिंह अपने बेटे द्वारा रची गई साजिश में लगभग फंस ही गए थे। उन्होंने बेटे के अपहरण होने की खबर पुलिस को दी और मदद की गुहार लगाई।

सियाराम सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा रामविकास कुमार उर्फ विकास कुमार लखीसराय जिले के कवैया थाना क्षेत्र के पंजाबी मुहल्ले में रहकर ट्रांसपोर्ट का काम करता था। दो दिनों से उसका मोबाइल नंबर बंद है। उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया और एक मोबाइल नंबर से फोन कर 10 लाख रुपए की मांग की जा रही है। पैसा लेकर कोतवाली थाना क्षेत्र के लालदरवाजा बुलाया गया है। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच की। मामले की जांच के बाद पुलिस ने जो पिता को बात बताई उसे सुन कर पिता को विश्वास ही नहीं हो रहा था।

पुलिस ने जांच में पाया कि विकास ने खुद ही के अपहरण की साजिश रची है। उसने मुंगेर के एक दोस्त के साथ मिलकर ये साजिश रची। जहां उसने पिता को फिरौती की रकम देने के लिए बुलाया था, वहां उसे पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने बताया कि सियाराम सिंह के बयान पर बेटे के विरूद्ध छल व धोखाधड़ी का मामला दर्ज करते हुए बरामद विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, उसकी मदद करने वाला दोस्त मौके से फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
सियाराम सिंह के अनुसार 28 वर्षीय बेटे विकास कुमार ने कार खरीदने के लिए रुपए मांगे थे। वो इन रुपयों की कई बार डिमांड कर चुका था। जिसके बाद रुपए निकलवाने के लिए उसने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। इस दौरान मुंगेर पहुंच कर विकास ने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया। इसके बाद पिता के मोबाइल पर दोस्त से फोन करवाया कि तुम्हारे बेटे का अपहरण हो गया है। जिसके बाद पिता ने 21 अगस्त को लिखित आवेदन देकर बेटे के दो दिन से गायब रहने और अपहरण की संभावना को लेकर शिकायत दर्ज कराया था।



