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भीषण बारिश के क​हर का आंकडा आया सामने, जिसने भी देखा सिहर गया

मध्यप्रदेश में दो दिन की लगातार बारिश और बाढ़ से करीब 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। अंतिम सर्वे रिपोर्ट 15 दिन में सरकार को सौंपी जाएगी। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है। चार हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

भोपाल। मध्यप्रदेश में दो दिन की लगातार बारिश और बाढ़ से करीब 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। अंतिम सर्वे रिपोर्ट 15 दिन में सरकार को सौंपी जाएगी। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हुआ है। चार हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए। एक तहसीलदार समेत 10 लोगों की जानें भी गईं। हालांकि अब राहत मिलने लगी है। पिछले साल बारिश-बाढ़ से दो हजार करोड़ का नुकसान हुआ था।

बारिश-बाढ़ से सोयाबीन, उड़द, मूंग, अरहर की फसलें चौपट हो गईं। बाढ़ से धान को भी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक करीब तीस फीसदी फसलें खराब हुई हैं।

प्रभावित जिलों में बाढ़ बारिश से नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों को 15 दिन में रिपोर्ट देना होगा। अभी अधिकारी जन जीवन को पटरी पर लाने में लगे हैं।

बारिश और बाढ़ ने भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, बैतूल और गुना में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। वहीं अशोकनगर और आगर-मालवा में आंशिक रूप से आपदा आई। बाकी जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से नुकसान की स्थिति नहीं बनी है।
वहीं दूसरी ओर सीएम शिवराज सिंह चौहान बाढ़ आपदा के बचाव कार्य को लेकर तीसरे दिन गुरुवार को भी एक्शन में रहे। सुबह प्रभावित जिलों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट ली। दोपहर में स्टेट सिचुएशन रूम से प्रभावित इलाकों की मॉनीटरिंग की। इसमें चंबल बेसिन में बाढ़ और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। शाम को प्रभावित इलाकों की जनता से राहत कैंपों में जाकर सुरक्षित रहने की अपील की।
शिवराज ने सिचुएशन रूम से श्योपुर, मुरैना व भिंड जिला कलेक्टर से पूरी रिपोर्ट ली। मुरैना कलेक्टर ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन समुचित व्यवस्थाएं भी हैं। शिवराज ने प्रभावित इलाकों को लेकर कहा कि अधिकारी और जनता दोनों सतर्क रहें।

चंबल बेसिन में न जाएं। शिवराज ने प्रभावित इलाकों में खाने के पैकेट और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने कहा। बोले- कहीं से भी शिकायत नहीं आनी चाहिए। जहां जरूरी है, वहां रेस्क्यू करें।

हेलीकॉप्टर का उपयोग कर लोगो को राहत कैंप पहुंचाएं। जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर लोगों की मदद में जुटें। अफसरों ने बताया कि जिलों में एयरफोर्स के तीन हेलीकॉप्टर रेस्क्यू कार्य में लगे हैं। आपदा दल भी निरंतर काम कर रहे हैं। सीएम ने कमिश्नर ग्वालियर से भी बाढ़ राहत कार्यों में समन्वय की जानकारी ली।

शिवराज ने देर शाम प्रभावित इलाकों के लोगों को संदेश दिया कि घबराएं नहीं। सरकार हर पल आपके साथ है, आप भी प्रशासन का आग्रह स्वीकार कीजिए… राहत कैंप में आइए और अपना जीवन सुरक्षित कीजिए।

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