कानपुर में खाकी दागदार: पत्नी की शिकायत पर युवक की बर्बर पिटाई, चौकी इंचार्ज सस्पेंड

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुलिस की बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक को चौकी में बुलाकर बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित अभिषेक सिंह का दावा है कि इस मारपीट के कारण उसके कान के पर्दे में दो छेद हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है।

पूरी घटना पारिवारिक विवाद से शुरू हुई, जिसके पीछे की वजह काफी हैरान करने वाली है। पीड़ित अभिषेक सिंह के अनुसार, उसकी मां को सोते समय खर्राटे लेने की आदत है। मां के साथ सोने और उनके खर्राटों से परेशान होकर अभिषेक की पत्नी ने पुलिस में शिकायत कर दी थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभिषेक को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया था।

अभिषेक ने आरोप लगाया कि जब वह चौकी पहुंचा, तो वहां मौजूद चौकी इंचार्ज पवन मिश्रा और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के पुलिसकर्मियों ने उसे लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीटा। पीड़ित का कहना है कि उसे इतनी बेरहमी से मारा गया कि उसके कान के पर्दे फट गए, जिससे अब उसे सुनने में काफी कठिनाई हो रही है। उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के गहरे निशान मौजूद हैं।
मामले के तूल पकड़ते ही एसीपी ने घटना का संज्ञान लिया और पीड़ित को चौकी बुलाकर उसकी आपबीती सुनी। प्राथमिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित चौकी इंचार्ज पवन मिश्रा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, लहूलुहान और चोटिल अभिषेक ने न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमे की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाइट – अभिषेक (पीड़ित): “मुझे सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि मेरी पत्नी ने शिकायत की थी। पुलिस ने मेरी एक न सुनी और चौकी इंचार्ज ने डंडों से मुझे तब तक मारा जब तक मेरे कान से सुनाई देना बंद नहीं हो गया। मैं बस इंसाफ चाहता हूं।”



