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नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने संभाला राष्ट्रीय ओबीसी आयोग के अध्यक्ष का पदभार

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में पिछड़ा वर्ग की प्रखर आवाज और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी को संभालने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। बुधवार को राजधानी स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचकर उन्होंने विधिवत अपना कार्यभार ग्रहण किया और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की।

पिछड़ों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प

कार्यभार संभालने के उपरांत साध्वी निरंजन ज्योति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से अपनी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने एक श्लोक के साथ लिखा कि पिछड़े समाज के गौरव, उनके संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए वह पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पिछड़े वर्ग के व्यक्ति को न्याय, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित कराना है।

मोदी सरकार के दोनों कार्यकालों में रही अहम भूमिका

साध्वी निरंजन ज्योति का प्रशासनिक और राजनैतिक अनुभव काफी लंबा रहा है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रथम और द्वितीय दोनों कार्यकालों में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया, जबकि 2019 में उन्हें ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया। इसके पश्चात वर्ष 2021 में उन्होंने उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

हमीरपुर से दिल्ली तक का राजनीतिक सफर

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में जन्मीं साध्वी निरंजन ज्योति निषाद (मल्लाह) समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने अपने चुनावी सफर का सफल आगाज वर्ष 2012 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर किया था। इसके बाद वह फतेहपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी इस नई नियुक्ति को आगामी राजनैतिक समीकरणों और पिछड़ा वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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