मुजफ्फरनगर: पूर्व सांसद कादिर राणा की इफ्तार पार्टी में उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज सियासी चेहरों ने की शिरकत

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पवित्र रमजान माह के अवसर पर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कादिर राणा के आवास पर शुक्रवार को आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी शहर की सबसे चर्चित राजनीतिक और सामाजिक सभा बन गई। कादिर राणा के एक बुलावे पर उनके आवास पर समर्थकों और रोजेदारों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि वह एक विशाल जनसैलाब में तब्दील हो गया।
सियासी दिग्गजों का लगा जमावड़ा इस इफ्तार कार्यक्रम में प्रदेश की राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री जावेद आबदी और सपा के कद्दावर नेता प्रमोद त्यागी सहित जनपद की तमाम राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं। शहर के गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और वरिष्ठ पत्रकार अनिल रॉयल सहित बड़ी संख्या में मीडिया जगत के लोग भी इस मिलन समारोह का हिस्सा बने।

मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम इफ्तार के दौरान रोजेदारों ने एक साथ बैठकर रोजा खोला और मुल्क में अमन-चैन व तरक्की के लिए दुआएं मांगी। कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने कादिर राणा की कार्यशैली और उनके मिलनसार स्वभाव की जमकर सराहना की। उपस्थित लोगों का कहना था कि समाज के हर वर्ग के साथ कादिर राणा का गहरा और व्यक्तिगत जुड़ाव ही है, जो इतनी बड़ी संख्या में लोग आज यहां खिंचे चले आए।

मलिक परिवार की गैरमौजूदगी रही चर्चा का विषय जहाँ एक ओर पार्टी में भारी भीड़ जुटी थी, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के वर्तमान सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक पंकज मलिक की अनुपस्थिति गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रही। राजनीतिक हलकों में इस गैरमौजूदगी के अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।
कादिर राणा ने दी सफाई: संसद सत्र का दिया हवाला सांसद और विधायक के शामिल न होने पर जब पत्रकारों ने पूर्व सांसद कादिर राणा से सवाल किया, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है, मुमकिन है कि अति व्यस्तता के कारण वे कार्यक्रम में शिरकत न कर पाए हों। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि रमजान का यह पाक महीना केवल मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देने के लिए है, और उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि हजारों की संख्या में लोगों ने उनके साथ बैठकर इफ्तार किया।



