ईरान-अमेरिका तनाव का असर: मुज़फ्फरनगर में शादियों के आयोजन में मुश्किलें

मुजफ्फरनगर में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के वैश्विक प्रभावों ने अब स्थानीय खुशियों में भी खलल डालना शुरू कर दिया है। होटल और ढाबों के बाद इस तनाव का सबसे गंभीर असर शादी विवाह के आयोजनों पर देखने को मिल रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगी रोक और घरेलू गैस की बुकिंग के लिए तय की गई पच्चीस दिनों की समय सीमा ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है जिनके यहाँ शादियां हैं। शादी वाले घरों में लोग मंगल गीतों और रस्मों के बीच अब हलवाई के लिए गैस सिलेंडरों का जुगाड़ करने में भागदौड़ कर रहे हैं।

रुड़की रोड स्थित राज महल बैंक्वेट हॉल में बुधवार को आयोजित मानव त्यागी की शादी में भी गैस की किल्लत का साफ असर दिखाई दिया। दूल्हे के चाचा पवन कुमार ने बताया कि यदि वे पहले से सतर्क न होते तो मेहमानों के लिए भोजन बनवाना असंभव हो जाता। उन्होंने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें अपने परिचितों और रिश्तेदारों से सिलेंडरों की मदद लेनी पड़ी जिसमें कहीं से उन्हें पूरे भरे हुए तो कहीं से आधे खाली सिलेंडर ही मिल सके। परिजनों का कहना है कि युद्ध के चलते सप्लाई बाधित होने का आभास उन्हें पहले ही हो गया था इसलिए समय रहते प्रयास शुरू कर दिए गए वरना स्थिति और भी विकट हो सकती थी।

रसोई संभाल रहे हलवाई आशु कुमार ने अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि अगर गैस की यही स्थिति बनी रही तो मजबूरन पुराने समय की तरह लकड़ी गट्टू और कोयले पर निर्भर रहना होगा। हलवाइयों का कहना है कि गैस के मुकाबले कोयले या लकड़ी की भट्टी पर काम करना बेहद कठिन और समय लेने वाला होता है लेकिन काम जारी रखने के लिए इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। मुजफ्फरनगर के व्यापारियों और आम जनता को डर है कि यदि यह अंतरराष्ट्रीय तनाव कुछ दिन और चला तो शादियों का पूरा सीजन प्रभावित हो सकता है जिससे करोड़ों का नुकसान और आम आदमी की मुसीबतें बढ़ना तय है।



