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यूपी में एक करोड़ रिश्वत मामले में निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश बहाल

उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब एक साल से निलंबन झेल रहे आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को सेवा में बहाल कर दिया है। अभिषेक प्रकाश पर पिछले साल एक बड़े निवेश प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले अपने अधीनस्थ कर्मचारी के माध्यम से एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक व्यवसायी की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया था। उस समय वे औद्योगिक विकास विभाग के सचिव और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ के पद पर तैनात थे।

पूरा विवाद सोलर इंडस्ट्री प्रोजेक्ट से जुड़ा था जिसमें बिजनेसमैन विश्वजीत दत्ता ने शिकायत की थी कि उनके प्रोजेक्ट की फाइल पास करने के बदले एक करोड़ रुपये का कमीशन मांगा गया है। इस मामले में एसटीएफ ने बाबू निकांत जैन को गिरफ्तार किया था जिसने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह उच्चाधिकारी के कहने पर ही लेनदेन की बात कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद से ही अभिषेक प्रकाश सार्वजनिक पटल से दूर थे और विभाग में उनके भविष्य को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही थीं।

मामले में नया मोड़ तब आया जब इसी साल फरवरी महीने में शिकायतकर्ता बिजनेसमैन लखनऊ हाईकोर्ट में अपने बयानों से मुकर गया। व्यवसायी ने अदालत को बताया कि उसने गलतफहमी के चलते यह शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट द्वारा मामला रद्द किए जाने के बाद अभिषेक प्रकाश की बहाली का रास्ता साफ हो गया। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि अभिषेक प्रकाश की वापसी के बाद उन्हें जल्द ही किसी महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। फिलहाल उनकी बहाली के आदेश जारी होने के बाद नियुक्ति विभाग उनकी नई तैनाती को लेकर मंथन कर रहा है।

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