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राम जन्मभूमि में प्रधानमंत्री मोदी शिखर पर फहराएंगे भगवा ध्वज, ध्वजारोहण समारोह पर अयोध्या का कोना-कोना राममय

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, जो वैदिक मंत्रों की ध्वनि के बीच केसरिया रंग का विशेष ध्वज फहराएंगे।

राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण समारोह के लिए मंगलवार सुबह फूलों से सजी अयोध्या का भव्य नजारा दिखाई दे रहा है। वहीं प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर अयोध्या धाम उत्सवमय है। चौराहे फूलों से सजाए गए हैं और तिरंगा लिए लोग उनके स्वागत को उमड़ रहे हैं। समारोह में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित लोगों का राम जन्मभूमि में राम पथ के निर्धारित मार्ग से प्रवेश शुरू हो गया है ।

प्रधानमंत्री मोदी सुबह लगभग दस बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से भारी सुरक्षा के बीच साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे। यहां वैदिक परंपरा के अनुरूप 501 ब्राह्मण बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन, संतों के शंखनाद और घंटा-घड़ियाल की पवित्र ध्वनि के बीच उनका शाही स्वागत होगा। साकेत से राम मंदिर परिसर तक रामपथ पर रोड शो होगा, जिसमें स्कूली बच्चे, महिलाएं और स्थानीय निवासी जगह-जगह पुष्प वर्षा करेंगे। रास्ते में सात स्थानों पर सांस्कृतिक मंच स्थापित हैं, जहां रामायण पर आधारित नृत्य, संगीत और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। सांस्कृतिक उत्सव में भारतीय परंपराओं, अध्यात्म और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन होगा।

प्रधानमंत्री मोदी क्रॉसिंग 11 आद्यगुरु शंकराचार्य द्वार से राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में प्रवेश करेंगे और वैदिक मंत्रों की ध्वनि के बीच केसरिया रंग का विशेष ध्वज फहराएंगे। मंदिर परिसर में पहुंचने पर मोदी राम दरबार गर्भगृह में रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद माता अन्नपूर्णा मंदिर में प्रार्थना के बाद वे मुख्य समारोह में भाग लेंगे। पांच मिनट के संक्षिप्त ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वे बटन दबाकर ध्वज फहराएंगे। संबोधित भी करेंगे। समारोह के साक्षी बनने के लिए 6 से 7 हजार अतिथि पहुंचेंगे, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजपाल आनंदीबेन पटेल, धर्मगुरु, व्यापार जगत के प्रमुख नाम, दलित, वंचित, ट्रांसजेंडर और अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके बाद वे सप्तऋषि मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।

ध्वजारोहण का मुहूर्त 11:58 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित है, जो भगवान राम के जन्म नक्षत्र अभिजीत मुहूर्त से मेल खाता है। इससे पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिसमें अयोध्या और काशी के प्रमुख संत-महात्मा विष्णु सहस्रनाम, अथर्वशीर्ष मंत्रों और यज्ञ कुंड पूजन कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे, जो इसके निर्माण के पूरा होने का प्रतीक होगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सप्तमंदिर आयेंगे, जिसमें महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से जुड़े मंदिर हैं I पीआईबी के बयान में कहा गया कि इसके बाद वे शेषावतार मंदिर जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे, इसके बाद वह राम दरबार गर्भगृह में दर्शन और पूजा करेंगे, जिसके बाद रामलला गर्भगृह में दर्शन करेंगेI बयान में कहा गया है कि दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे, जो मंदिर के निर्माण के पूरा होने और सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रीय एकता के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक हैI

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