मुंबई: चिल्ड्रन डे पर देर से आने पर सजा से 6वीं की छात्रा की मौत, परिवार ने स्कूल प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

मुंबई। वसई के हनुमंत विद्या मंदिर में बाल दिवस के दिन 6वीं क्लास की छात्रा काजल उर्फ आशिका गौंड की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। देर से स्कूल पहुंचने पर टीचर ने उसे सजा के रूप में 100 उठक-बैठक लगवाए, जिसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

परिवार का आरोप है कि टीचर की सजा अमानवीय थी और इसी कारण छात्रा की हालत खराब हुई। परिवार ने बताया कि सजा के समय काजल की पीठ पर उसका बैग भी रखा गया था, जिससे उसे कमर और पीठ में तेज दर्द हुआ।

काजल को पहले नालासोपारा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे मुंबई के जेजे अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक छात्रा के परिवार ने स्कूल प्रशासन और दोषी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद राजनीति भी गरमाई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह स्कूल खोलने नहीं देंगे।



