‘मंदिर से बच्चों का भविष्य तय होता तो…’, खेसारी लाल यादव ने राम मंदिर को लेकर फिर दिया बयान, कहा-भगवान तो दिल में बसते हैं

बिहार चुनाव में भोजपुरी गायक और अभिनेता खेसारी लाल यादव RJD की ओर से चुनावी मैदान में है। उन्होंने एक बार फिर राम मंदिर को लेकर बयान दिया है। बीते दिनों को उनके मंदिर वाले बयान पर NDA नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब उन्होंने सत्तापक्ष पर विकास से मुद्दों से भागने और मंदिर-मस्जिद पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। खेसारी लाल यादव ने यहां तक कह दिया कि मंदिर हमारे बच्चों का भविष्य तय नहीं करते हैं।

अपने ‘मंदिर-अस्पताल’ वाले बयान पर RJD उम्मीदवार खेसारी लाल यादव ने कहा, “मेरे कहने का मतलब ये था कि राम मंदिर बनाना जरूरी है, लेकिन क्या अस्पताल बनाना जरूरी नहीं है? क्या रोजगार जरूरी नहीं है? क्या शिक्षा जरूरी नहीं है? क्या हम रोजगार के लिए ट्रंप को वोट देंगे? लोगों ने आपको वोट दिया था। आगे बढ़िए और हर जगह मंदिर बनाइए, लेकिन क्या मंदिर हमारे बच्चों का भविष्य तय करेंगे?

मंदिर से बच्चों का भविष्य तय नहीं होता-खेसारी लाल
खेसारी लाल यादव ने आगे कहा, अगर मंदिर हमारे बच्चों का भविष्य तय करते हैं, तो मैं चाहूंगा कि आप बिहार में 200 मंदिर बनवाएं और दिखाएं कि आपने कितने बच्चों का भविष्य तय किया है। भगवान हमारे दिल और भक्ति में बसते हैं, मंदिरों में तो बस एक मूर्ति होती है। इसलिए, सब कुछ बनाइए। सिर्फ मंदिर ही क्यों? ये लोग बदलते रहते हैं।
मंदिर-मस्जिद, सनातन की राजनीति से बचें
NDA नेताओं पर हमला करते हुए भोजपुरी गायक ने कहा, अगर आप इनसे विकास के बारे में सवाल करेंगे, तो ये आपको ‘मंदिर-मस्जिद’ या ‘सनातन’ के मुद्दों पर ले जाएंगे, भारत-पाकिस्तान की बात करने लगेंगे। बकवास करेंगे और आपको वहीं व्यस्त रखेंगे। सरकार ने जो काम किया है उस पर चर्चा होने चाहिए, खेसारी पर चर्चा नहीं होने चाहिए। मैं किसी से नहीं डरता। मैं जो हूं, वो जनता ने ही मुझे बनाया है। मेरा मकसद बिहार और छपरा के लिए विकास करना है। ”
छपरा विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार और अभिनेता खेसारी लाल यादव ने कहा, “NDA के नेता जंगलराज छोड़कर अपना काम बताएं कि उन्होंने बिहार के लिए किया क्या है। योगी आदित्यनाथ किसी नेता के मुंह से ही जंगलराज सुन लिए हैं। क्योंकि वे तो यहां रहे नहीं हैं। उन्हें एक बार छपरा में आकर यहां के व्यापारियों का दर्द देखना चाहिए। तब उन्हें पता चल पाएगा कि लोग क्यों सरकार बदलना चाहते हैं।”



