देश

लोगों ने लेना क्यों बंद कर दिया 10 रुपये का सिक्का? वजह चौंकाने वाली है! जाने RBI की गाइडलाईनस

आजकल देश के कई हिस्सों में एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है — लोग 10 रुपये के सिक्के को वैध मुद्रा मानने को तैयार ही नहीं हैं। दुकानों से लेकर बस स्टैंड तक, कई जगह लोग कह देते हैं, भाई, ये सिक्का नहीं चलेगा! अब सवाल ये उठता है कि आख़िर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या वाकई 10 रुपये का सिक्का बंद कर दिया गया है या फिर लोग सिर्फ अफवाहों के शिकार हो रहे हैं? इस पूरे मामले पर रिज़र्व बैंक ने क्या सफाई दी है, और आपको क्या जानना जरूरी है — जानिए इस रिपोर्ट में।

कहां से शुरू हुआ शक?
साल 2006 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने पहली बार 10 रुपये का सिक्का आम जनता के लिए जारी किया था। यह भारत का पहला ‘द्विधात्विक’ सिक्का था — यानी दो अलग-अलग धातुओं से बना। इसका केंद्र तांबा-निकल का है और किनारा एल्युमीनियम-ब्रॉन्ज से बना है। समय के साथ सरकार और RBI ने 10 रुपये के कई नए डिज़ाइन बाज़ार में जारी किए। कभी किसी विशेष आयोजन के लिए, तो कभी किसी महान व्यक्ति की स्मृति में। अभी तक 10 से अधिक डिज़ाइन जारी किए जा चुके हैं।

₹ नहीं है तो नकली है?
2011 में सरकार ने रुपये का आधिकारिक प्रतीक (₹) जारी किया, और इसके बाद से कई सिक्कों पर यह चिह्न दिखने लगा। लेकिन पुराने सिक्कों पर ये चिह्न नहीं होता था। यहीं से सोशल मीडिया और खासकर WhatsApp यूनिवर्स में फैल गई एक भ्रामक खबर– ‘जिस 10 रुपए के सिक्के पर ₹ का निशान नहीं है, वह नकली है।’ लोगों ने बिना सोचे-समझे इसे सच मान लिया और 10 रुपये के सिक्के को ‘नॉट एसेप्टेड करेंसी’ जैसा ट्रीट करना शुरू कर दिया।

 RBI ने क्या कहा?
भारतीय रिज़र्व बैंक को जब ये बात पता चली, तो उसने कई बार साफ-साफ बयान जारी किए कि: “सभी डिज़ाइन वाले 10 रुपये के सिक्के, चाहे उनमें रुपये का प्रतीक हो या न हो, पूरी तरह से वैध मुद्रा हैं। इन्हें लेनदेन में नकारना ग़लत और गैरकानूनी है।” RBI ने ये भी कहा कि किसी भी सिक्के की डिज़ाइन का अलग होना उसकी वैधता को प्रभावित नहीं करता। जो सिक्का RBI ने जारी किया है, वो अपने आप में प्रमाणिक है।

 सिक्का लेने से इनकार करना अवैध
कई व्यापारी, दुकानदार और यहां तक कि ऑटो या बस वाले भी 10 रुपये का सिक्का लेने से मना कर देते हैं। लेकिन ध्यान दीजिए:
– ऐसा करना कानून के खिलाफ है।
– अगर कोई व्यक्ति बार-बार वैध मुद्रा लेने से इनकार करता है, तो आप उसकी शिकायत भी कर सकते हैं।
– खुद भी ऐसे भ्रम का हिस्सा न बनें और न ही दूसरों को बनने दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button