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‘बेटियों को दहेज में गहने नहीं, देसी कट्टा दो!’ बागपत में क्षत्रिय महासभा की पंचायत का धमाकेदार फरमान

बागपत जिले के निक्की हत्याकांड के बाद समाज में दहेज और बेटियों की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गौरीपुर मितली गांव में आयोजित ठाकुर समाज की ‘केसरिया महापंचायत’ में एक चौंकाने वाला और अनोखा फैसला लिया गया। महापंचायत में मंच से ऐलान किया गया कि अब बेटियों को दहेज में सोना-चांदी नहीं, बल्कि पिस्तौल, रिवॉल्वर, तलवार या देसी कट्टा दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।

क्या कहा गया पंचायत में?
महापंचायत को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ठाकुर कुंवर अजय सिंह ने कहा कि आज के समय में बेटियों को सिर्फ सजाने-संवारने की नहीं, लड़ने की जरूरत है। अगर वे आभूषण पहनकर बाजार जाएंगी, तो अपराधी उन्हें निशाना बना सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि उन्हें हथियार दिया जाए, ताकि वे अपनी रक्षा कर सकें। उन्होंने मंच से साफ शब्दों में कहा कि कन्यादान में सोना-चांदी दो या ना दो, लेकिन एक देसी कट्टा जरूर दो!

फरमान का क्या मकसद है?
महापंचायत के इस ऐलान का मकसद बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना बताया गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने इस फैसले को क्रांतिकारी कदम करार दिया। लोगों ने कहा कि अब समय आ गया है कि बेटियां अपनी सुरक्षा खुद करें और उन्हें इसके लिए तैयार किया जाए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
इस महापंचायत का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यह अनोखा ऐलान सुना जा सकता है। लोग इसे लेकर मिलेजुले विचार रख रहे हैं — कुछ इसे साहसिक और जरूरी बता रहे हैं, तो कुछ इसे खतरनाक और परंपराओं से उलट कह रहे हैं।

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