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सीतापुर में सेप्टिक टैंक बना मौत का कुआं, मासूम को बचाते हुए गई तीन की जान, गांव में पसरा मातम

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सकरन थाना क्षेत्र के सुकेठा गांव में बीते रविवार एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के एक घर के सामने बने सेप्टिक टैंक में गिरे 10 साल के बच्चे को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में बच्चा और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, सुकेठा गांव के निवासी सोहन गुप्ता का 10 साल का बेटा विवेक रविवार करीब 10 बजे गांव के ही अनिल कुमार के घर के बाहर बने सेप्टिक टैंक में गिर गया। जैसे ही लोगों को इसका पता चला, अनिल कुमार (उम्र 40 साल) बिना समय गंवाए बच्चे को बचाने के लिए टैंक में उतर गए। उन्होंने किसी तरह बच्चे विवेक को बाहर निकाल दिया, लेकिन टैंक में मौजूद जहरीली गैस की वजह से अनिल बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके।

एक के बाद एक 3 लोग उतरे, लेकिन नहीं बच सके
अनिल को बेहोश होते देख, गांव के ही राजकुमार (उम्र 45) और फिर रंगी लाल (उम्र 45) उसे बचाने के लिए टैंक में उतरे। लेकिन सेप्टिक टैंक में दम घोंटने वाली जहरीली गैस के कारण दोनों भी बेहोश हो गए और अंदर ही फंस गए।

ग्रामीणों ने की बचाव की कोशिश, लेकिन…
गांव वालों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को टैंक से बाहर निकाला और तुरंत सांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टर सुनील यादव ने अनिल, राजकुमार और रंगी लाल को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल 10 वर्षीय विवेक और एक अन्य व्यक्ति दीपू का इलाज चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन स्थिर है।

प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही लहरपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) नागेंद्र चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

पूरे गांव में शोक की लहर
इस हादसे के बाद सुकेठा गांव में मातम छा गया है। जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे सभी अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य थे। पूरे गांव में दुख का माहौल है और लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं।

सतर्कता की जरूरत
इस हादसे ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सेप्टिक टैंक में उतरना जानलेवा हो सकता है, खासकर सुरक्षा उपकरण के बिना। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे टैंकों की सही जांच और रखरखाव हो और लोगों को जागरूक किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं ना हों।

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