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भदोही मामले में यूपी सरकार पर गरजे कांग्रेस MP उज्जवल रमण, उठाए ये सवाल

यूपी के भदोही में बीते दिनों आठ साल बच्ची को अगवाकर रेप मामले में कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता और परिजनों से अस्पताल में मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस नेता ने यूपी की योगी सरकार पर जमकर हमला किया और कहा कि प्रदेश में आज महिलाएं सुरक्षित नहीं है. हर तरफ अराजकता का माहौल है. हर 16 मिनट में महिलाओं के साथ अत्याचार और दुराचार हो रहा है. कांग्रेस सांसद ने पीड़ित परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता, मकान और सुरक्षा दिए जाने की मांग की.

खबर के मुताबिक भदोही के सुरियावां थाना में 10 जुलाई 2025 की रात 8 साल की बच्ची घर के बाहर दादाजी के साथ चारपाई पर सो रही थी. जहां से उसे अगवाकर दुष्कर्म किया गया. बच्ची ख़ून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली थी, इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस इस मामले में जांच करते हुए आरोपी की शिनाख्त कर उसे एनकाउंटर कर गिरफ़्तार कर लिया है. वहीं बच्ची का महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल में इलाज चल रहा है.

नाबालिग पीड़िता से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 
इस घटना के विरोध में और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था. इस दौरान सांसद उज्जवल रमण सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि ये केवल एक बच्ची पर अत्याचार नहीं है, यह संविधान, मानवाधिकार और हमारी सामाजिक चेतना पर हमला है.

सांसद ने कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरी तरह से फेल है, पूरे प्रदेश में अराजकता फैली है हर 16 मिनट में रेप की घटनाएं हो रही हैं. पूरे प्रदेश में जंगलराज कायम है, गुंडा बदमाश माफिया सब उन्हीं के है. सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो वो सड़क से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक इस मुद्दे को उठाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी.

वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के पीड़िता से मुलाक़ात करने पर अस्पताल प्रशासन ने नाराजगी जताई. CMS डॉ राजाराम मौर्या ने कहा कि 50-60 की संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे, इस तरह पीड़िता से मिलने से उसके मानसिक संतुलन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है. पुलिस-प्रशासन के मना करने के बावजूद भीड़ लगाई ये गलत है. कई लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ फोटो और वीडियो भी बनाए जिससे परिवार की पहचान उजागर हो गई.

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