देश-विदेश

ईरान का आरोप-इजरायली हमलों में अजरबैजान का हाथ, कहा- आप हमारे दुश्मनों का दे रहे साथ! सौंपे सबूत

पश्चिम एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल खेल में एक नया मोड़ तब आया जब ईरान ने अज़रबैजान पर आरोप लगाया कि इज़रायली लड़ाकू विमानों ने हाल ही में ईरान पर किए गए हमलों के लिए अज़रबैजान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया। इस आरोप के साथ ही दोनों देशों के पहले से ही तनावपूर्ण संबंध और अधिक बिगड़ने के आसार हैं। ईरान ने बाकायदा सबूत सौंपे हैं और सवाल पूछा है “क्या आप हमारे दुश्मनों की मदद कर रहे हैं?”

ईरान की चेतावनी 
ईरान ने अज़रबैजान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इज़रायल ने हाल ही में ईरान पर किए गए हवाई हमलों के लिए  अज़रबैजानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया। ईरानी अधिकारियों ने बाकू (अज़रबैजान की राजधानी) को कुछ “पुख्ता सबूत” भी सौंपे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि इज़रायली जेट विमानों ने अज़रबैजान की हवाई सीमा से उड़ान भरकर ईरानी क्षेत्रों पर हमला किया। ईरानी रक्षा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बाकू से स्पष्ट कहा है कि “इज़रायल के साथ बढ़ती आपकी सैन्य साझेदारी हमारे लिए सीधा खतरा है। अगर आप हमारे दुश्मनों को सहूलियत देते हैं, तो हम इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।”

 

ईरान-अज़रबैजान संबंधों की पृष्ठभूमि
ईरान और अज़रबैजान के बीच रिश्ते वर्षों से तनावपूर्ण हैं, जिसकी वजहें हैं अज़रबैजान और इज़रायल के मजबूत सैन्य और रक्षा संबंध। इज़रायल, अज़रबैजान को हथियार और ड्रोन बेचता रहा है। अज़रबैजान इज़रायल से तेल भी निर्यात करता है। इज़रायल को ईरान की सीमाओं के पास निगरानी और ऑपरेशन के लिए अज़रबैजान का रणनीतिक महत्व है। उधर, ईरान अज़रबैजान को अपने उत्तरी सीमा क्षेत्र में एक “इज़रायली चौकी” के रूप में देखता है। अज़रबैजान के अंदर बड़ी तादाद में तुर्क और शिया मुसलमान रहते हैं, जिससे ईरान को संभावित अस्थिरता की आशंका रहती है। इसका एख कारण यह भी है कि 2020 के नागोर्नो-काराबाख युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों के समीकरण बदल गए। उस युद्ध में अज़रबैजान को तुर्की और इज़रायल दोनों का समर्थन मिला था। ईरान ने तब भी अज़रबैजान को चेताया था कि वह इज़रायली सैन्य गतिविधियों को अपने क्षेत्र से ना चलने दे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button